तीन वर्ष से घट रहा है जून में बारिश का औसत
इस वर्ष हालत सबसे खराब, पिछले वर्ष जून में औसतन 43.96 एमएम हुई थी बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मानसून की सक्रियता के महीने जून में बारिश लगातार कम होती जा रही है। इस वर्ष अब तक झमाझम बारिश नहीं हुई है। पिछले वर्ष जून में औसतन 43.96 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इससे पहले के वर्षों में भी जून में अच्छी बारिश होती रही है। कम बारिश के चलते जिले के जलाशयों में भी पानी नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने बाढ़ के साथ-साथ सूखा के लिए भी आपदा प्रबंधन शुरू कर दिया है।
हर वर्ष 15 जून से पहले मानसून सक्रिय हो जाता है। जून के दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है। नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन बाढ़ बचाव की तैयारियों को 15 जून से पहले पूरा कर लेता है। इस वर्ष भी तैयारियां चल रही है, लेकिन बारिश नहीं होने से सब काम सुस्त पड़े हैं। जून का तीसरा सप्ताह बीत रहा है, लेकिन ठीकठाक बारिश नहीं हुई है। आंकड़े गवाह हैं कि पिछले तीन वर्षों में जून में इससे खराब हालात कभी नहीं रहे।
जिले में जून में बारिश का जो रिकार्ड आपदा प्रबंधन विभाग और नजारत के पास है, उससे इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि जून में बारिश घट रही है। वर्ष-2016 में जून में कुल 291 एमएम वर्षा हुई थी। खलीलाबाद में 183, मेंहदावल में 35 और धनघटा में 73 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। उस वर्ष जून में औसत वर्षा 97 एमएम थी। वर्ष-2017 में जून में कुल बारिश 230 एमएम दर्ज हुई। इसमें से 54 खलीलाबाद, 122 मेंहदावल तथा 54 एमएम धनघटा में रिकार्ड की गई। औसत वर्षा 76.66 एमएम दर्ज की गई। पिछले वर्ष भी जिले में 132 एमएम बारिश हुई। खलीलाबाद में 89, मेंहदावल में 21 और धनघटा में 31 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। पिछले वर्ष औसत वर्षा 43.96 एमएम दर्ज की गई।
बाढ़ के साथ सूखा से निपटने की तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग ने कम बारिश को देखते हुए सूखा से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर जानवरों के लिए भूसा खरीदने से लगायत अन्य इंतजाम किए गए हैं। डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि प्रशासन ने बाढ़ के साथ-साथ सूखा से निपटने की तैयारी भी कर ली है। जैसी परिस्थिति बनेगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।