सूखे कचरे से बनेंगे खाद, ग्राम पंचायतों को होगी आय
- इस पैसे से ग्राम पंचायतों में कराए जाएंगे विकास कार्य
- इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए डीएम ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूूूरो
संतकबीरनगर। गांवों में फैले कचरे अब बीमारी नहीं होगी बल्कि यह ग्राम पंचायतों की आय का जरिया बनेगा। इसको लेकर प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए हर पंचायत में सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। फिर गांव की खाली भूमि पर गड्ढा खोदकर उसे दबा दिया जाएगा। कुछ दिनों बाद जब खाद तैयार होती तो उसे निकालकर बेचा जाएगा। इससे जो भी आमदनी होगी उसे विकास कार्य में लगाए जाएंगे।
ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण सिरदर्द बन गई है। इस समस्या का सुलझाने के लिए प्रशासन ने पहल की है। इसके योजना के तहत गांव में खाद गड्ढा तैयार किए जाएंगे। इसमें गांव भर का गोबर या कूड़ा कचरा डाला जाएगा। कुछ दिनों के बाद यह सड़कर खाद के रूप में परिवर्तित हो जाएगा तो इसकी बिक्री की जाएगी। इसी तरह, गीला कूड़ा कचरा छनना विधि से अलग किए जाएंगे। इस संबंध में शुक्रवार को डीएम रवीश गुप्त ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की समस्या हल होगी बल्कि ग्राम पंचायतों की आय भी होगी।