मगहर। क्षेत्रीय गांधी आश्रम मगहर के कर्मचारी तीन वर्ष के बकाया वेतन भुगतान, उत्पीड़न व बकाया फंड आदि की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को आश्रम के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया। उधर, बताया जा रहा है कि यूनियन के मंत्री पद पर चुनाव भी विवाद का कारण है।
कर्मचारी यूनियन के महामंत्री शिवशंकर यादव ने बताया कि न्यूनतम वेतन समझौते के अनुसार तत्काल वेतन लागू किया जाए। कर्मचारियों के तीन वर्ष का बकाया वेतन जो लगभग एक करोड़ 20 लाख है उसे तत्काल दिलाया जाए। साथ ही फंड की लगभग दो करोड़ 50 लाख की रकम भविष्य निधि कार्यालय में जमा कराई जाए। इसके अलावा किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न, ट्रांसफर या नौकरी से नहीं निकाला जाए। इस संबंध में कर्मचारियों ने आश्रम के ट्रस्टी व प्रबंध समिति के सदस्यों को मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर कर्मचारी शिव शंकर यादव, इंद्रेश कुमार, फूलदेव यादव, जगई प्रसाद, राम मूरत, सुरेश, कृष्ण चंद्र दुबे, राम अधार, अर्जुन, राजेंद्र उपाध्याय, राम आशीष यादव, राम अवध यादव, नाथू प्रसाद, भाकियू जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्रा, रामचंद्र चौधरी, भोला गुप्ता, हृदयराम यादव, रामरुप चौधरी, राजाराम, करम हुसैन, रामकेवल, भोला गुप्ता, दयाराम विश्वकर्मा, हरिहर यादव, राम शंकर आदि मौजूद रहे।
विवाद का कारण बना मंत्री का चुनाव
मगहर। गांधी आश्रम कर्मचारियों के बकाया वेतन की समस्या काफी समय से चली आ रही है। इस बार हुए धरना प्रदर्शन को नवनिर्वाचित मंत्री का चुनाव इसका कारण बताया जा रहा है। नवागत मंत्री से कर्मचारी का एक धड़ा जहां विभिन्न समस्याओं को लेकर विरोध कर रहा है तो वही कुछ कर्मचारी नए मंत्री पर भरोसा जता रहे हैं।
क्या कहते हैं पूर्व व वर्तमान मंत्री
इस संबंध में नवनिर्वाचित मंत्री वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि पूर्व मंत्री के द्वारा अविश्वास बैठक बुलाई गई थी, जिसमें प्रबंध समिति के सदस्य उनके खिलाफ चार अप्रैल को अविश्वास लाए थे। इसके बाद लखनऊ में प्रबंधकारिणी द्वारा उन्हें मंत्री पद पर चुनाव किया गया। लेकिन पूर्व मंत्री कार्यभार उन्हें नहीं सौंप रहे है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, पूर्व मंत्री राम अशीष शर्मा का कहना है कि नए मंत्री को मंत्री पद का कोई प्रमाण अभी समिति ने नहीं दिया है। ऐसे में उनके ऊपर कार्यभार ना सौंपे जाने का आरोप निराधार है। इस समस्या के संबंध में डीएम को अवगत कराया गया है। यदि समिति का चुनाव के संबंध में कोई संस्तुति प्राप्त होती है तो वह कार्यभार सौंप देंगे।