हरीहरपुर में बनी पानी की टंकी।
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हरिहरपुर। भीषण गर्मी में हरिहरपुर के नागरिक पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यही नहीं बड़ी आबादी को आपूर्ति होने वाला पानी भी प्रदूषित है। मजबूरन लोग मानक विहीन हैंडपंपों से निकल रहा दूषित जल पीने को विवश हैं। जिसकी वजह से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
करीब बारह हजार की आबादी वाले नगर पंचायत हरिहरपुर में कुल 2500 परिवार निवास करते हैं। नगर में पांच सौ किलोलीटर का एक वाटर हेड बना है जिससे नगर के करीब 200 घरों को ही वाटर कनेक्शन मिल पाया है। जगदीशपुर में बनकर तैयार दूसरी पानी की टंकी अभी नगर पंचायत को हस्तांतरित नहीं हो सका है। कुल 100 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इसमें से कई हैंडपंपों से दूषित जल निकल रहा है। आंकड़े बताते हैं कि नगर के 2300 परिवार अब भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। जो मानक विहीन हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर हैं। ऐसे में नगर की आबादी का बड़ा हिस्सा मानक विहीन हैंडपंपों के सहारे है। जिसकी वजह से नगर वासियों को कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है।
दूषित जल पीने से कई बीमारियां होने की संभावना
चिकित्सक डॉक्टर रमेश चंद्र मिश्र बताते हैं कि पानी में घुले आर्सेनिक से त्वचा का कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आने का खतरा रहता है। जबकि नाइट्रेट, क्लोराइड से लीवर और फेफड़े का संक्रमण होता हैं। फ्लोराइड से दांतों की बीमारियां होती हैं। दूषित जल मे मौजूद जीवाणुओं से एईएस, टाइफाइड, पीलिया, पेशाब में संक्रमण जैसी बीमारियां होने की संभावना रहती है।
हर परिवार को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने को प्रतिबद्ध है नगर पंचायत
नगर पंचायत हरिहरपुर के ईओ बीना सिंह का कहना है कि नगर वासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने को नगर प्रशासन प्रतिबद्ध है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को वाटर कनेक्शन दिया जाएगा। बशर्ते लोगों को खुद वाटर कनेक्शन के लिए कार्यालय में आवेदन करना होगा। साथ ही दूषित पानी दे रहे हैंडपंपों को रिबोर कराया जाएगा।