जिला अस्पताल में एक ही दिन में 600 से अधिक डायरिया के मरीज पहुंचे
- डायरिया के मरीज बढ़े, चिकित्सक दवा के साथ दे रहे सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रति दिन जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में आधे डायरिया के ही निकल रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में 600 से अधिक डायरिया के मरीज पहुंचे। अधिकतर को डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया। गर्मी के कारण मासूम बच्चों से लेकर युवा भी इसके चपेट में आ रहे हैं। उल्टी, दस्त से पीड़ित लोगों से जिला अस्पताल भरा पड़ा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 सौ मरीजों को चिकित्सक ओपीडी में देखते हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में लगभग 600 से अधिक डायरिया से पीड़ित पहुंचे। उल्टी, दस्त से परेशान मरीजों को अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह चिकित्सकों द्वारा दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में आए बड़गों गांव निवासी राधेश्याम ने बताया कि पांच वर्षीय बेटे रोहित को उल्टी और दस्त होने लगा तो सीधा जिला अस्पताल आया। यहां आया तो पता चला कि बेटे को डायरिया है। वहीं एकमा निवासी प्रमोद, पायलपार निवासी दुर्गावती देवी, बंजरिया निवासी तेरसी आदि ने बताया कि अपने बेटे को लेकर जिला अस्पताल आया तो पता चला कि वह डायरिया की चपेट में आ गया है।
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क्या है डायरिया का लक्षण
शरीर में पानी या नमक की कमी के चलते डायरिया की शिकायत होती है। इसके अलावा यह बीमारी खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी, पानी में पाए जाने वाले प्रोटोजोआ वायरस या बैक्टीरिया से होने वाली प्रतिक्रिया से भी हो सकती है। डायरिया के चलते पेट के नीचले हिस्से में दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी आना, बुखार और कमजोरी हो जाती है। इसके साथ ही दिन में एक बार से अधिक पतली दस्त आना। पेट दर्द, जी मिचलाना, सर दर्द करना, चक्कर आना डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
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कैसे बचें, क्या कहते हैं चिकित्सक
गर्मी के मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसके अलावा एक ग्लास पानी में दो चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक और नींबू का रस मिलाकर पिलाएं, इससे बच्चों को तत्काल आराम मिलेगा। डायरिया के दौरान दाल का पानी, चावल का माड़ और दही-केला खिला सकते हैं। डायरिया से होने वाले डिहाईड्रेशन से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें। एक बार में अधिक पानी पीने के बजाय थोड़ा-थोड़ा पानी कई बार पिलाएं। इस दौरान बच्चें को आराम के साथ पर्याप्त नींद लेने दें।
- डॉ. आरपी राय, चिकित्सक जिला चिकित्सालय
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चल रहा दस्त नियंत्रण अभियान
जिले में 28 मई से नौ जून तक दस्त नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट व जिंक की गोली दे रही हैं। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रही है। आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा।
- डॉ. हरगोविंद सिंह, सीएमओ