पौली ब्लॉक प्रमुख पद पर न्यायालय ने कमलावती को विजयी घोषित किया।
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संतकबीरनगर। जिले के पौली ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के पूर्व का चुनाव परिणाम अपर जिला जज एफटीसी प्रथम ने शून्य घोषित कर दिया है। कोर्ट में हुई पुन: मतगणना का परिणाम ब्लॉक प्रमुख पद पर आसीन शोभा देवी के खिलाफ आया है। कोर्ट ने पहले मतगणना में हारीं कमलावती को विजयी घोषित किया है। साथ ही मतगणना में धांधली के आरोप को सही मानते हुए राज्य निर्वाचन आयोग, प्रमुख सचिव व डीएम को आदेश की कॉपी भेजने का निर्देश दिया है।
पौली ब्लॉक प्रमुख पद पर पिछले चुनाव में शोभा देवी पत्नी राममिलन को विजई घोषित किया गया था। न्यायालय में इस परिणाम को चुनौती देते हुए याचिका प्रस्तुत की गई थी। मामले की सुनवाई अपर जनपद न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम राकेश पांडेय कर रहे थे। बुधवार को इस मामले में निर्णय सुनाया गया। याची और ब्लॉक प्रमुख पद की उम्मीदवार रहीं कमलावती की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि सात फरवरी वर्ष 2016 को विकास खंड पौली के क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव हुआ। मतदान में कुल 53 निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा मतदान किया गया। मतगणना के दौरान विपक्षी शोभा देवी को 28 मत व कमलावती को 25 मत मिलना बताकर चुनाव परिणाम शोभा देवी के पक्ष में घोषित किया गया था। कमलावती का आरोप था कि शोभा देवी के राजनीतिक रसूख के कारण चुनाव अधिकारी ने मनमाने तरीके से कमलावती के पक्ष में पड़े मतों को भी शोभा के पक्ष में मिला दिया था। याची के अधिवक्ता संतोष कुमार श्रीवास्तव व अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कमलावती देवी के बार-बार शिकायत व पुन: मतगणना का लिखित अनुरोध किए जाने के बावजूद भी निर्वाचन अधिकारी द्वारा याची व उनके पति को मतगणना स्थल से हटा दिया गया था। न्यायालय ने कुल पड़ें मतों की अपने समक्ष दुबारा गणना कराई थी। तथ्यों व पत्रावली पर उपलब्ध दस्तावेज व मौखिक विश्लेषण व आवश्यक प्रपत्रों के निरीक्षण के पश्चात याची कमलावती को 25 व शोभा देवी को 23 मत प्राप्त मानते हुए तथा पांच मत अवैध मानते हुए न्यायालय ने कमलावती को दो मतों से विजयी घोषित किया तथा शोभा देवी के पक्ष में घोषित चुनाव परिणाम शून्य घोषित कर दिया।
अपर जिला जज एफटीसी प्रथम राकेश पांडेय ने मतगणना में सम्मिलित अधिकारियों व कर्मचारियों के आचरण को भ्रष्ट एवं अपारदर्शी कृत्य मानते हुए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि चुनाव की प्रक्रिया सुचिता व निष्पक्षता का है तथा वह प्रजातंत्र का आधार है जिसे प्रभावित किया गया है। न्यायालय की आदेश की प्रति राज्य निर्वाचन आयोग, मुख्य सचिव व डीएम को तत्काल भेजे जाने व याची कमलावती को याचिका के साथ जमा की गई 500 रुपये की जमानत राशि वापस करने का आदेश दिया है।
इस मामले को लेकर पूरे कचहरी में चर्चा का माहौल बना रहा। आदेश के बाद कमलावती व उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की। इस दौरान प्रमुख रूप से रामचन्द्र यादव, टिल्लू बाबा, अरविंद सिंह, महेंद्र यादव, टुन्नी बाबा, पूजा, अनिल तिवारी, कृष्णमोहन तिवारी, गब्बर सिंह, धर्मेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।