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फर्जी वोटर पर कार्रवाई के लिए है चैलेंज वोट का विकल्प

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फर्जी वोटर पर कार्रवाई के लिए है चैलेंज वोट का विकल्प
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पीठासीन अधिकारी के पास होता है चैलेंज वोट का दावा
मतदान अभिकर्ता दो रुपये जमा कर वोट को कर सकते हैं चैलेंज
फर्जी वोटर जाएगा जेल, अभिकर्ता को वापस मिल जाएंगे दो रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मतदान के दिन बूथ पर अगर कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर वोट डालने पहुंचा हो तो उसे रोकने के लिए विवाद की बजाय निर्वाचन आयोग के नियमों का सहारा लें। बोगस वोटर के खिलाफ पीठासीन अधिकारी के पास चैलेंज वोट की अपील करें। निर्वाचन अधिकारी इसके लिए दो रुपये की रसीद देकर चैलेंज वोट स्वीकार करेगा। अगर मतदाता फर्जी साबित हुआ तो उसे पीठासीन अधिकारी पुलिस के सुपुर्द करेगा और चैलेंज वोट के लिए जमा धनराशि भी वापस हो जाएगी।
मतदान को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण बनाने के लिए आयोग ने बहुत सारे नियम बना रखे हैं लेकिन जानकारी के अभाव में लोग नियमों का पालन करने की बजाय आपस में उलझकर माहौल खराब कर देते हैं। फर्जी वोटरों पर कार्रवाई के लिए एक नियम है चैलेंज वोट का। सीडीओ/प्रभारी अधिकारी कार्मिक हाकिम सिंह के अनुसार बूथ पर गड़बड़ी रोकने के लिए ही सभी उम्मीदवारों को मतदान अभिकर्ता का विकल्प दिया जाता है। मतदान कर्मी वोट देने पहुंचे व्यक्ति का नाम व क्रमांक जोर से पुकारता है ताकि उसे मतदान अभिकर्ता सुन सके। अगर मतदान अभिकर्ता को वोट देने पहुंचे व्यक्ति पर फर्जी वोटर होने का संदेह है तो वह इस पर आपत्ति जताने के लिए पीठासीन अधिकारी से चैलेंज वोट का विकल्प मांगता है। इसके लिए मतदान अभिकर्ता को दो रुपये नकद जमाकर रसीद लेनी होती है। इसके बाद वोटर के फर्जी होने का सुबूत देना होता है। पीठासीन अधिकारी अगर इस बात से संतुष्ट है कि मतदाता के विषय में किया गया चैलेंज सही है तो वह उस मतदाता को तुरंत ही वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर देगा और जमा की गई रसीद को भी वापस करते हुए मतदान अभिकर्ता से धन वापस पाने की रसीद लेगा। और अगर आरोपित मतदाता स्वयं को वास्तविक मतदाता साबित कर देता है तो उसे वोट देने दिया जाएगा और चैलेंज वोट के लिए जमा की गई धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
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सीडीओ ने बताया कि इस नियम की जानकारी मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान दिया जाता है लेकिन आम लोग इसे लेकर सतर्क नहीं रहते और नियमों का पालन करने की बजाय आपस में उलझकर माहौल खराब कर लेते हैं।
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