संतकबीरनगर। कठिनइया नदी के असनहरा घाट पर पक्का पुल व सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 50वें दिन भी खत्म नहीं हुआ। आंदोलन स्थल पर पहुंचे प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री अनिल राजभर के आश्वासन पर भी आंदोलन नहीं माने। इन लोगों का कहना है कि जब तक पुल निर्माण के लिए यहां सामग्री गिरना शुरू नहीं होगा, वे लोग आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा असनहरा खास के बैनर तले कठिनइया नदी के असनहरा घाट पर पुल व सड़क निर्माण को लेकर आंदोलन चल रहा है। मंगलवार को यहां आंदोलनकारियों ने जलसमाधि लेने की घोषणा कर दी थी। बाद में जलसमाधि का निर्णय बदल गया था। देर शाम प्रदेश सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, होमगार्डस, पीआरडी व नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर का कार्यक्रम तय हुआ। उम्मीद थी कि मंत्री के आश्वासन पर आंदोलनकारी मान जाएंगे और डेढ़ महीने से अधिक समय से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मंत्री ने आंदोलनकारियों को एक सप्ताह में स्टीमेट व एक महीने में बजट दिलाने की बात कही लेकिन आंदोलनकारी निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए सामग्री गिरने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा के संयोजक शैलेश कुमार राजभर ने कहा कि जब तक पुल व सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरोजा राजभर ने कहा कि यह आंदोलन अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव की दिशा तय करेगा। इस अवसर पर जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष यशवंत उर्फ सिंटू चौधरी, रामदीन राजभर, रामसुमिरन राजभर, झिनकाई, रामानंद, सुखराम, रामकेश, रामसूरत, करमावती, कलावती, शोभा देवी, केवला देवी, अनारा देवी सुदामा देवी समेत कई लोग मौजूद रहे।