खुलेआम पुलिस के हथियार छीने जा रहे हैं और उनकी पिटाई की जा रही है। सत्ता पक्ष के ही कई विधायकों ने धमकी भरे फोन आने की बात मानी है। सरकार का गुंडों और माफिया पर नियंत्रण समाप्त हो गया है। प्रदेश के मुखिया प्रदेश को छोड़ अपने गृह नगर गोरखपुर में ही जमे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज माफी के नाम पर छला गया। अपने हक लड़ाई लड़ रहे शिक्षामित्र, रोजगार सेवक, आशा बहू, किसानमित्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनके ऊपर लाठी चार्ज किया जा रहा है। सरकार लगातार झूठी बयानबाजी कर रही है।
पूर्व सांसद सुरेंद्र यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाने में सरकार पूरी तरह से विफल है। ऐसा पहले नहीं था। भ्रष्टाचार और घूसखोरी चरम पर है। प्रदर्शन करने वालों में आलोक यादव, जवाहर लाल दुबे, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।