संतकबीरनगर। पॉलिथीन पर प्रतिबंध के पहले दिन रविवार की वजह से अफसर भले ही घरों से नहीं निकले, लेकिन जागरूकता के कारण पॉलिथीन पर बैन का असर बाजारों में दिखा। ज्यादातर लोग बाजार निकले तो उनके हाथ या बाइक में झोला था।
जो घर से झोला लेकर नहीं आए, उन्हें खरीदना पड़ा। थोक व्यापारियों के यहां 50 माइक्रान से नीचे की पॉलिथीन गायब हो गई है तो फुटकर दुकानदार भी पॉलिथीन से परहेज कर रहे हैं। हालांकि पुरानी सब्जी मंडी में फुटपाथ के कुछ दुकानदार पॉलिथीन में सब्जी दे रहे थे। उनका कहना है कि बची पॉलिथीन खपा रहे हैं।
पॉलिथीन पर बैन लगने से पूर्व ही नगर पालिका प्रशासन सक्रिय था। जन जागरूकता के लिए जहां रैली निकाली गई, वहीं बरदहिया बाजार में लगने वाली कपड़ा मंडी के मालिक को नोटिस देकर पॉलिथीन का प्रयोग नहीं के लिए कहा गया।
इसके अलावा कई अन्य दुकानदारों को भी नोटिस दिया गया था। इसका असर देखने को मिला। रविवार को बरदहिया बाजार में दुकानें तो लगीं, लेकिन पॉलिथीन नहीं दिखी। लोगों को मजबूरन झोला खरीदना पड़ा।
मार्केट में कपड़ा खरीदने आए शेखर अहमद ने कहा कि पॉलिथीन पर बैन की जानकारी थी, ऐसे में घर से ही झोला लेकर आए। दुकानदार भी अब झोले में ही कपड़े दे रहे हैं। प्रहलाद वर्मा ने कहा कि पॉलिथीन पर बैन स्वागत योग्य कदम है। हम भी सरकार के निर्णय के साथ है। सब्जी खरीदने के लिए झोला लेकर आए हैं।
किराना की दुकान पर मिले सतविंदर पाल सिंह ने कहा कि बैन की जानकारी थी, इसलिए घर से झोला लेकर आए। उन्होंने कहा कि हमें सरकार के इस कदम के साथ होना चाहिए। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाने की जरूरत है।
दिलीप कुमार ने कहा कि पॉलिथीन के कारण नालियां जाम हो रही थीं, अब इस पर बैन लगने से समस्या कम होगी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आदत में यह शुमार कर लेना चाहिए कि घर से निकलेंगे तो झोला लेकर ही। इसकी शुरूआत हो चुकी है।
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने कहा कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध को लेकर जागरुकता और कार्रवाई दोनों तरीकों का प्रयोग किए जाने की पहल हो रही है। नौ विभागों के अधिकारी इस काम में लगाए गए हैं।
रोक लगाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को दी गई है, वे शाम को शहर और बाजार में निकलेंगे। निश्चित तौर पर शासन की मंशा के अनुरूप काम होगा। पॉलिथीन पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में प्रशासन काम कर रहा है।