बजट में योजना के लिए रकम प्रस्तावित होने से पीड़ित परिवारों को बंधी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपनों को खोने का जख्म भरा नहीं है। इधर बजट की कमी की वजह से सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ पाने से जिले के 149 पीड़ित परिवार वंचित हैं। प्रदेश सरकार के बजट में योजना के लिए रकम प्रस्तावित करने से वंचित परिवारों की उम्मीद बंध गई है।
ऐसे लोग जिनके पास प्रदेश में किसी भी जगह भूमि हो और खतौनी में उनका नाम हो, रजिस्टर्ड बंटाईदार हों, यदि उनकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है अथवा अपंगता के शिकार हो जाते हैं तो उन्हें सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में लाभ दिया जाता है। इसमें मृत्यु होने पर पांच लाख की आर्थिक मदद दी जाती है।
इसमें शर्त है कि मृत्यु होने के 75 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा एफआईआर की प्रति आवेदन पत्र के साथ लगाना जरूरी होता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में कुल 523 लोगों ने आवेदन किया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 130 पीड़ित परिवारों को योजना का लाभ दिया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 99 लोग योजना का लाभ पाए। इसके अलावा 100 लोगों का आवेदन निरस्त कर दिया गया।
इसकी वजह यह थी कि कुछ लोगों के पास भूमि नहीं थी, जबकि कुछ लोगों के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा एफआई की कापी नहीं थी। तमाम लोग ऐसे थे, जो रजिस्टर्ड बंटाईदार नहीं थे। कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने 75 दिनों के भीतर आवेदन नहीं किया था। 149 पीड़ित परिवार ऐसे हैं, जिन्हें योजना का लाभ बजट की कमी की वजह से नहीं मिल पाया है।
बेल्डुहा निवासी गोकुल पुत्र राम अशीष की दुर्घटना में मत्यु मई 2020 में हुई थी। पीड़ित मां राजमती और पिता राम अशीष बताते हैं कि ढाई साल का समय बीत गया और अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया। बेटे की मौत का गम रोज सताता है। बजट में प्रावधान हुआ है। इससे उम्मीद है कि जिले को बजट मिलेगा तो योजना का लाभ उन्हें मिल सकेंगा।
हरैया गांव निवासी दीपू पुत्र श्याम लाल की दुर्घटना में जून 2022 में मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पत्नी सीमा बताती हैं कि पति की मौत का गम है, वहीं योजना का लाभ नहीं मिलने से दर्द पर मरहम नहीं लग पा रहा है। बजट में योजना के लिए रकम प्रस्तावित हुआ है। ऐसे में उम्मीद है कि लाभ मिल जाएगा। घूरापाली निवासी सावित्री की जून 2022 में दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पति उदय राज त्रिपाठी ने बताया कि योजना का लाभ नहीं मिला है। बजट में इस योजना के लिए रकम प्रस्तावित हुआ है। इससे उम्मीद है कि योजना का लाभ मिल सकेंगा।
एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 149 आवेदन पत्र लंबित है। इसमें से 50 लोगों के लिए तीन करोड़ रुपये की मांग की गई है। जैसे ही बजट मिलेगा, वैसे ही इन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी। इससे लंबित प्रकरणों का निस्तारण करके बजट की मांग शासन से की जा सकें।