संतकबीरनगर। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांगो का ज्ञापन डीएम को दिया। व्यापारियों ने दवा की दुकानों से फार्मासिस्ट व्यवस्था को समाप्त किए जाने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव भाटिया ने कहा कि खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन के जरिए नए नए कानूनों के द्वारा दवा व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ऑनलाइन दवा का कारोबार पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। इस तरह से दबाव डालकर सरकार कारोबारियों का उत्पीड़न कर रही है। दवा दुकानदारों के उत्पीड़न एवं दिसंबर 2017 तक जारी ड्रग लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट की व्यवस्था को समाप्त किया जा। भारत सरकार ई फार्मेसी पर विचार करे और दवा व्यापारियों की समस्याओं को निदान करे।
महासचिव रामशंकर जायसवाल ने कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री का आदेश ड्रग्स एंड केमिस्ट एक्ट का उल्लंघन है। ऑनलाइन दवा की बिक्री से साढ़े आठ लाख दुकानदार प्रभावित होंगे। ऑनलाइन के बजाए दवाओं को जरूरी वस्तु सेवा के अंतर्गत जीएसटी में शून्य टैक्स की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। इस दौरान शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में दवा की दुकानें बंद रही। इस अवसर पर विरेंद्र सिंह, जय प्रकाश दुबे, सीताराम पांडेय, ऋषिमुनि चौधरी, महेश चिरानियां, रज्जाक खां, श्रीराम बरनवाल, सुरेंद्र त्रिपाठी, विनोद कुमार, सुरेंद्र गुप्त, दिवाकर प्रसाद, शंभूनाथ अग्रहरी आदि मौजूद रहे।