हैंसर। घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर कम होकर 79.25 मीटर पर आ गया है। हालांकि जलस्तर में आई इस कमी से बाढ़ प्रभावित गांवों में रह रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। महीने भर से पानी से घिरे घरों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। बांध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को भी कोई मदद नहीं मिल रही है। घाघरा नदी महीने भर से खतरे के निशान के आसपास बनी हुई है। इसके चलते धनघटा क्षेत्र के 20 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। मंगलवार की शाम को नदी का जलस्तर 79.35 मीटर पर था जो इस नदी का खतरा बिंदु है। रात भर में पानी 10 सेंटीमीटर घटा है।
नदी और बांध के बीच बसे गांव सियरकला गांव के लोग करीब 15 दिन से एमबीडी बांध पर शरण लिए हुए हैं। बांध पर गुजारा कर रहे रामदेव, परशुराम, कल्पानाथ, केवल, कबुतरा, सुमित्रा आदि का कहना है कि गांव में उनके छप्पर के घर पानी लगने के कारण गिर गए हैं। यहां रहने वालों को प्रशासन कोई मदद नहीं दे सका है। गुनवतिया, चकदहा, सरैया, खरैया, गायघाट आदि गांवों के लोग भी बाढ़ की त्रासदी झेलने को विवश हैं। इन गांवों के लोगों का कहना है कि नदी का जल स्तर लगातार उपर-नीचे हो रहा है। बाढ़ से घिरे होने के कारण विद्यालय भी बंद पड़े हैं।