ग्राम पंचायतों के खातों की होगी ऑनलाइन मॉनीटरिंग
पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम से भेजा जाएगा ग्राम पंचायतों में बजट
इसके लिए ग्राम प्रधानों व सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कराया जा रहा है
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। भ्रष्टाचार की जब भी चर्चा होती है तो प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान को लोग जरूर याद करते हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि गांवों के विकास के लिए केंद्र सरकार से जो एक रुपया भेजा जाता है उसमें से 85 पैसा कमीशन में चला जाता है। सिर्फ 15 पैसा ही विकास कार्यक्रमों पर खर्च होता है। अब तीन दशक बाद केंद्र सरकार उस हालात में बदलाव के लिए प्रयास कर रही है। ग्राम पंचायतों को विकास कार्य के लिए भेजे जाने वाले बजट को अब पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए भेजा जाएगा। इस ऑनलाइन सिस्टम से धन भेजने में सुविधा होने के साथ-साथ खर्च की लगातार ऑनलाइन मॉनीटरिंग होती रहेगी।
ग्राम पंचायतों को विकास कार्य के लिए राज्य सरकार की तरफ से राज्य वित्त व केंद्र सरकार की तरफ से वित्त आयोग के मद में बजट मिलता है। इसके अलावा मनरेगा, स्वच्छता समेत अन्य केंद्रीय और राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए अलग से धनराशि दी जाती है। छोटी ग्राम पंचायतों में हर साल करीब तीन करोड़ तथा बड़ी ग्राम पंचायतों में आठ से 10 करोड़ रुपये तक भेजा जाता है। ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि अंतरण की व्यवस्था इतनी जटिल है कि बजट पाने के लिए ग्राम प्रधानों को लगातार ब्लॉक व डीपीआरओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। खाते में धन जल्दी पहुंचे, इसके लिए प्रधानों को एडवांस में कमीशन भी देना पड़ता है। अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। इस बार ग्राम पंचायतों से अगले वित्तीय वर्ष की वार्षिक कार्ययोजना पहले ही मांग ली गई है। ग्राम पंचायतों का बजट भी ऑनलाइन सिस्टम से भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पब्लिक फायनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) का प्रयोग किया जाएगा। इस सिस्टम से 14वें वित्त आयोग की धनराशि ग्राम पंचायतों को भेजी गई है। ग्राम प्रधान और सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर से इस धन का आहरण हो सकेगा। इसके जरिए खाते में धन कब ट्रांसफर हुआ और किस तारीख को किस चेक के जरिए रकम निकाला गया यह अपडेट होता रहेगा। अफसर ऑनलाइन खाते का पूरा डिटेल देख सकेंगे।
345 डिजिटल हस्ताक्षर बन चुके हैं
पीएफएमएस के लिए ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों का डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कराया जा रहा है। जिले की 794 ग्राम पंचायतों में कुल 910 डिजिटल हस्ताक्षर बनाए जाने हैं। इसमें से 345 हस्ताक्षर बन चुके हैं।
पीएम आवास योजना में हुआ सफल प्रयोग
पीएफएमएस सिस्टम का प्रयोग इससे पहले प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को बजट उपलब्ध कराने में किया गया। इसके जरिए किस डेट में बजट की स्वीकृति मिली, शासन ने इसके सापेक्ष कब बजट अवमुक्त किया और किस दिन बैंक से लाभार्थी के खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई इसकी जानकारी नोडल अफसर की आईडी पर उपलब्ध रहती है। अगर किसी लाभार्थी ने बजट नहीं मिलने की बात कही तो पत्रावली खंगालने व बैंक जाने की बजाय अफसर अपने कंप्यूटर पर ही चेक कर यह भी बता सकते हैं कि किस समय उनके खाते में धनराशि भेजी गई है।
वित्तीय पारदर्शिता आएगी : डीपीआरओ
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि इसी महीने भारत सरकार ने 14वें वित्त आयोग की धनराशि को पीएफएमएस द्वारा ग्राम पंचायतों को भेजा है। 14 वें वित्त की कोई भी धनराशि अब ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान के डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से ही आहरित होगी। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधानों का डिजिटल हस्ताक्षर तैयार करवाया जा रहा है। वित्तीय पारदर्शिता के लिए यह बहुत उपयोगी व्यवस्था है।