न जागरूकता का असर न चालान का डर
आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी सचेत नहीं हो रहे वाहन चालक
बाइक चालक बिना हेलमेट पहने ही चला रहे हैं वाहन
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पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। बीते पांच वर्षों में जिले में 783 सड़क हादसों में 446 लोग जान गंवा चुके हैं। 495 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हादसों ने कई घरों का चिराग बुझा दिया तो किसी को अनाथ या विधवा बना दिया। पुलिस विभाग लोगों की जान की हिफाजत के लिए एक नवंबर से यातायात जागरूकता माह के तहत रोज कहीं न कहीं कार्यक्रम का आयोजन करा रहा है। फिर भी वाहन चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा। अधिकांश बाइक चालक बिना हेलमेट पहने फर्राटा भर रहे हैं।
शहर के सर्वाधिक व्यस्त मेंहदावल बाईपास पर ही यातायात पुलिस का दफ्तर है। फोरलेन का चौराहा होने के चलते यहां हर वक्त गाड़ियों की आवाजाही रहती है, लेकिन यहां से गुजरने वाले बाइक चालकों को न तो यातायात पुलिस का डर है और न ही हादसों की चिंता। तभी तो यहां शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे 20 मिनट में ही 50 से अधिक बाइक चालक बिना हेलमेट पहने तीन सवारी के साथ निकलते दिखे। इनमें से कइयों का पुलिस ने चालान भी काटा। नेदुला चौराहे पर शहर की तरफ से निकलने वाली एक सड़क फोरलेन को क्रास करती है। ब्लैक स्पॉट के रूप में चिंह्नित इस चौराहे पर अक्सर हादसे होते हैं। यहां यातायात पुलिस की तरफ से पीली लाइट भी लगी है, लेकिन यहां भी बिना हेलमेट पहने बाइक सवार फर्राटे भरते दिखे। फोरलेन का सरैया बाईपास भी सर्वाधिक खतरनाक चौराहों में गिना जाता है। यहां सड़क में मोड़ होने के अलावा खलीलाबाद कस्बे की मुख्य सड़क भी जुड़ती है। यहां भी अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार की दोपहर में यहां से भी गुजरने वाले अधिकांश बाइक चालक बिना हेलमेट पहने ही दिखे।
पुलिसकर्मी ने भी नहीं पहन रखी थी हेलमेट
हेलमेट नहीं पहनने के मामले में पुलिसकर्मी भी पीछे नहीं हैं। पुलिस अफसर जहां स्कूल-कॉलेज में जाकर लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिला रहे हैं, वहीं मेंहदावल रोड पर एक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट पहने ही बाइक से आराम से आता दिखा।
जनपद में वर्ष 2013 से 2017 के बीच हुए हादसों का आंकड़ा---
---वर्ष-----हादसे-------मृतक--------घायल
1- 2013---110-----------54---------72
2- 2014---120-----------67---------63
3- 2015---156----------105-------106
4- 2016---154-----------84--------107
5- 2017---243----------136--------147
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-------------783 ------ 446 -------- 495
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जागरूकता ही अच्छा विकल्प- सीओ यातायात
पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात रमेश कुमान ेने बताया कि सड़क सुरक्षा के मामले में लोगों की जागरूकता ही बेहतर विकल्प है। पुलिस की कार्रवाई से ज्यादा जरूरी है कि लोग अपनी जान की कीमत समझें। पुलिस महकमा एक नवंबर से जागरूकता अभियान चला रहा है। अब तक 391 वाहनों का चालान काटा गया है। एक लाख 34 हजार रुपये की राजस्व वसूली की गई है। अभियान 30 नवंबर तक चलेगा।