प्राथमिक व जूनियर विद्यालय पटखौली में उगी घास।
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संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था सुधारने का सरकार चाहे जितना दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत जुदा है। जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में पिछले सप्ताह सर्पदंश से एक बालिका की मौत के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की दशा सुधारने का तनिक भी प्रयास नहीं किया। स्थिति यह है कि खलीलाबाद शहर से सटे स्कूलों में सफाई, सुरक्षा और बच्चों के बैठने का प्रबंध बेहद खराब है। इसका नतीजा है कि इन स्कूलों में बच्चों का नामांकन है तो लेकिन उपस्थिति बेहद कम है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने इनकी जमीनी हकीकत की पड़ताल की।
प्राथमिक विद्यालय चकदही प्रथम की चाहरदिवारी अधूरी है। दूसरी तरफ झाड़ियां कमरों के जंगले तक हैं। जंगलों में फाटक भी टूटे हैं, जिस रास्ते कीट और अन्य विषैले जीव जंतु परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। शौचालय की सफाई तक का प्रबंध नहीं है। फर्श टूटा है और बच्चों के बैठने का भी प्रबंध नहीं है। हेडमास्टर इंद्रकला यादव के अनुसार 66 बच्चों का नामांकन है लेकिन सुबह नौ बजे तक करीब 35 बच्चे आए थे। प्राथमिक विद्यालय चकदही प्रथम के ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय चकदही द्वितीय है। हेडमास्टर शिवनरायण पांडेय के अनुसार 46 बच्चों का नामांकन है लेकिन केवल 13 बच्चे ही स्कूल आए थे। पुरानी बिल्डिंग का आधा हिस्सा गिर चुका है। परिसर में झाड़ियां हैं और बरसात होते ही पानी जमा हो जाता है। शौचालय की हालत भी खराब है। यहां तैनात दो शिक्षा मित्रों में से एक शिक्षा मित्र स्कूल नहीं पहुंची थी।