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प्राथमिक विद्यालयों में निपटाए जाते हैं पंचायत भवन के कार्य

Sun, 29 Jul 2018 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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बछईपुर में जर्जर हुआ पंचायत भवन। - फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। गांवों के विकास के लिए भले ही प्रति वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हो, लेकिन ग्राम पंचायतें अपने बैठने तक की वयवस्था नहीं कर पा रही हैं। ग्राम पंचायतों में वर्षों पूर्व बने पंचायत भवन जर्जर पड़े हैं। ग्राम पंचायत की खुली बैठक प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित कर रही है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, लेकिन बैठक में मौजूद जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं जा रही है।
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विकास खंड हैंसर बाजार और पौली के कई गांवों में वर्षों पूर्व पंचायत भवन का निर्माण किया गया था। कई गांवों में मिनी सचिवालय भी बनाए गए, लेकिन सबके सब देखरेख और मरम्मत के अभाव में खंडहर बनते जा रहे हैं। मतदाता सूची बनाने से लेकर मतदान तक और पंचायत चुनाव से लेकर ग्राम पंचायतों में होने वाली खुली बैठक, टीकाकरण या अन्य कोई सरकारी आयोजन सबके सब काम प्राथमिक विद्यालयों में निपटाया जा रहा है। बछईपुर, गायघाट, पारा हरगोविंद, पौली, परसहर, रामपुर, भैसाखुट, जगदीशपुर, दौलतपुर, मदरा, तुर्कवलिया, खाजों, भरवलपर्बता, कोचरी, दीपपुर, गागरगाड़, बंतवार आदि गांवों में पंचायत भवन का निर्माण वर्षों पूर्व इस उद्देश्य से हुआ कि ग्राम पंचायत के कार्य इसी में बैठकर निपटाए जाएंगे, लेकिन पंचायत भवन खडहरर हो गए। पंचायत भवन में कहीं भूसा रखा जा रहा है तो कहीं उपले रखे गए हैं। पंचायत भवन का स्थान अब प्राथमिक विद्यालय ने ले लिया है। गांव में छोटा से छोटा कार्यक्रम हो या ग्राम पंचायत की बैठक सभी कार्य प्राथमिक विद्यालय में किए जा रहे हैं। गांव की खुली बैठक प्राथमिक विद्यालय पर छुटटी कराकर प्रधान करवा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नाम न छापने के शर्त पर कहते हैं कि प्राथमिक विद्यालय का भवन प्रधान अपनी संपत्ति समझते हैं। जब चाहते हैं तब दस पांच लोगों के साथ विद्यालयों में पहुंचकर बैठक की सूचना देेते हुए स्कूल बंद करा देते हैं। जिससे पढ़ाई बाधित होती है। बीडीओ जौव्वाद हुसेन का कहना है कि चौदहवां वित्त के मद से गांव में स्थित सार्वजनिक भवनों का मरम्मत कराने का शासनादेश है। कुछ ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का मरम्मत भी कराया गया है। विद्यालय बंद कर उसमें बैठक नहीं किया जा सकता है। अगर इस तरह की शिकायत आती है तो जांच कर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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