ऋण वितरण में बैंक उदासीन
जिले का ऋण-जमा अनुपात 30.72 प्रतिशत होने पर सीडीओ ने जताई नाराजगी
बैंकों को दिसंबर 2018 तक लक्ष्य हासिल करने की हिदायत
विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक हुई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। ऋण वितरण में बैंकों की उदासीनता पर सीडीओ हाकिम सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को विकास भवन सभागार में हुई जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक में वर्ष 2018 मार्च तक जिले का ऋण-जमा अनुपात 30.72 प्रतिशत होने पर सीडीओ ने बैंकों को फटकार लगाई। यह अनुपात राज्य मानक 60 प्रतिशत से काफी कम है। सीडीओ ने इसमें सुधार लाने और दिसंबर 2018 तक लक्ष्य हासिल करने की हिदायत दी।
सीडीओ हाकिम सिंह ने कहा कि चुनावी वर्ष होने के कारण समय कम मिलेगा। ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए मुद्रालोन, स्टैंड अप इंडिया, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, स्टार्ट अप इंडिया, वेयर हाउस, बकरी पालन, स्वयं सहायता समूहों तथा व्यापारियों को व्यापार के लिए खुदरा ऋण देना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि 31 मार्च 2018 तक वार्षिक ऋण योजना में वित्तीय लक्ष्य 120068.30 लाख की जगह 80963.66 लाख रुपये ऋण दिए गए हैं जो कि 67.43 प्रतिशत है। जबकि वर्ष 2016-17 में यह 73.48 प्रतिशत था। उन्होंने कृषि, व्यापार, उद्यम में अधिक से अधिक ऋण देकर चालू वर्ष में दिसंबर तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। कहा कि मार्च 2018 तक 35609 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया गया। इसमें 8197 व्यय तथा 27412 रिन्यूवल है। इसके सापेक्ष 41376.36 लाख का ऋण दिया गया है। सीडीओ ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग आयोग के तहत स्वत: रोजगार योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, लघु एवं सीमांत कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जाने की समीक्षा की तथा समय से लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है। बैठक का संचालन लीड बैंक मैनेजर गिरीश चंद्र ने किया। इस दौरान नाबार्ड से मनीष शरण, एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक राजेश कुमार, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, पवन रावत, दीपक कुमार आदि बैंक अधिकारी मौजूद रहे।