खुलेआम एक-दूसरे की करते रहते हैं आलोचना
बड़े कार्यक्रमों में भी मंच साझा करने से बचते हैं सांसद और विधायक
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। जिले के भाजपा नेताओं का अंतर्कलह कई महीने से चल रहा था। तीन महीने में पार्टी के किसी भी बड़े कार्यक्रम में सांसद और तीनों विधायक एक साथ नजर नहीं आए। कमल संदेश रैली में भी सभी पहुंचे जरूर, लेकिन रैली अलग-अलग निकाली थी।
खलीलाबाद लोकसभा सीट के अलावा जिले की तीनों विधानसभा सीटों मेंहदावल, खलीलाबाद और धनघटा पर भाजपा का कब्जा है। मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल हियुवा से जुड़े रहे हैं और योगी आदित्यनाथ के प्रबल समर्थक होने के चलते ही उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिला था। सांसद और विधायकों के बीच का गतिरोध जब तक सार्वजनिक होता रहता है। इसी हफ्ते जब खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन का शिलान्यास किया गया तब भी मतभेद सामने आए थे।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हर जिले में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में बूथ सम्मेलन कराया गया था। जिले का सम्मेलन खलीलाबाद शहर के एचआपीजी कॉलेज में हुआ था। कार्यक्रम के दौरान ही कुछ लोगों ने सांसद पर क्षेत्र में कम समय देने और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की थी। हालांकि, उस कार्यक्रम में मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया था। बावजूद इसके नारेबाजी का वीडियो वॉयरल हुआ था।
केंद्रीय नेतृत्व को भेजेंगे रिपोर्ट : जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष सेतवान राय का कहना है कि जब भी इस तरह कि घटनाएं हुई हैं तो उन्होंने तुरंत केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया है। जनप्रतिनिधियों का आचरण भाजपा की कार्य संस्कृति के अनुरूप नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले हुई इस तरह की शर्मनाक घटना से कार्यकर्ता बेहद दुखी हैं। पूरे मामले की जानकारी प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को दी जाएगी।