अमर उजाला इंपैक्ट
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संदीप का दर्द देख नम हुई हर आंख, मदद को बढ़े हाथ
- बच्चों से मिलने दुघरा कला गांव पहुंचें एसडीएम, विधायक ने भी दिया मदद का आश्वासन
इंद्रेश यादव
हैंसर (संतकबीरनगर)। पिता के साया और मां के आंचल से महरूम हो चुके संदीप और उसके दो छोटे भाइयों के दर्द से शुक्रवार को दुघरा कला गांव से जिला मुख्यालय तक हर आंख नम दिखी। हर ओर यही चर्चा रही कि अनाथ हो चुके इन मासूमों का अब क्या होगा। कौन इनका ख्याल रखेगा और दो वक्त की रोटी देगा। किससे ये मासूम अपना दुखड़ा कहेंगे और किसे अपने जख्म दिखाएंगे। बच्चों के इस दर्द ने गांव के लोगों, प्रधान, जिला प्रशासन से लेकर स्वयंसेवी संगठनों तक के दिल को मोम बना दिया है। इनकी मदद में कई हाथ आगे आए हैं। लोगों ने मासूमों के दर्द को बेहतर ढंग से बयां करने के लिए अमर उजाला को धन्यवाद भी दिया है।
गौरतलब है कि धनघटा क्षेत्र के दुघरा कला गांव निवासी रंजू की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। पति आठ माह पूर्व ही सड़क हादसे के शिकार हो गए थे। ऐसे में उसके तीन बच्चे संदीप (9), मंदीप (7) और मनीष (5) अनाथ हो चुके हैं। गांव वालों की मदद से रंजू का अंतिम संस्कार किया गया। संदीप ने मां को मुखाग्नि दी। अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में ‘होठ तो फड़फड़ाते हैं पर बरसती नहीं आंखें’ शीर्षक से मासूमों के दर्द को समेटती खबर हुई। खबर पढ़कर द्रवित एसडीएम शुक्रवार दोपहर बच्चों से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने सरकारी सहायता दिलाने और पढ़ाई की व्यवस्था करने की बात कही है।
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मासूमों का संयुक्त खाता खुलवाने का निर्देश
- एसडीएम बाबूराम शुक्रवार को दुघरा कला पहुंचकर संदीप और उसके छोटे भाइयों से मिले। उन्होंने बच्चों के बारे में लोगों से जानकारी ली। उन्होंने कहा है कि मासूमों को शासनादेश के मुताबिक सहायता राशि दिलाई जाएगी। साथ ही उनकी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ग्राम प्रधान को तीनों बच्चों का संयुक्त खाता खुलवाने का निर्देश दिया है।
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स्वयंसेवी संस्थाएं भी मदद को आगे आईं
- मासूमों की मदद में कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने हाथ आगे किया है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की इच्छा जताई है। संस्थाओं ने इस बारे में एसडीएम से भी बात की है। अफसर ने कहा है कि वे संस्थाओं के बारे में पहले पूरी जानकारी हासिल करेंगे। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
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विधायक ने फोन से जाना हाल
- धनघटा के भाजपा विधायक श्रीराम चौहान क्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने कहा है कि वह वापस आते ही बच्चों से मिलने जाएंगे और बच्चों की हरसंभव मदद करेंगे। विधायक ने मासूमों को सरकार से भी मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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‘धन्यवाद अमर उजाला, हम उठाएंगे जिम्मा’
- गांव की प्रधान शनिचरा देवी के प्रतिनिधि फूलंचद चौहान ने कहा कि मासूमों के दर्द ने उन्हें मर्माहत कर दिया है। वे बच्चों की हरसंभव मदद करेंगे। उनके पढ़ाई-लिखाई की भी व्यवस्था की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान ने भी अनाथ हुए बच्चों की मदद का भरोसा दिलाया। दोनों ने बच्चों का दर्द बयां करने के लिए अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
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दिल्ली तक पहुंचा बच्चों का दर्द
- ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि अटल बिहारी सेवा संस्थान, नई दिल्ली ने उनसे संपर्क कर बच्चों की मदद की इच्छा जताई है। इस संस्था ने एसडीएम से भी संदीप, मंदीप और मनीष की पढ़ाई का जिम्मा देने का आग्रह किया है। अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है।