अवैध कोचिंग संचालकों पर दर्ज होगा केस
जिले में रजिस्ट्रेशन के बगैर नहीं चलने पाएंगे कोचिंग सेंटर
पंजीकरण नहीं कराने वाले किए जा रहे चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के कोंचिग सेंटर नहीं चलने पाएंगे। पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज किए जानेे के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। जिले में अवैध कोचिंग सेंटरों को चिह्नित किए जाने का कार्य शुरू हो चुका है। डीआईओएस ने छापेमारी के लिए रणनीति बनाई है।
जनपद में रजिस्ट्रेशन के बगैर कई कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे है। खलीलाबाद शहर हो या देहात के कस्बे, कमोवेश हर जगह के कोचिंग सेंटरों विद्यार्थियों की भीड़ लगी हुई है। परीक्षा पास कराने के लिए बड़े-बड़े बैनर लगाकर विद्याथियों को भ्रमित करने का काम कोचिंग संचालक कर रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय में वर्तमान में लगभग 100 कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड है। शासनादेश के मुताबिक कोचिंग सेंटर को पहले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में रजिस्टर्ड कराना होता है। इसके बाद वहां से संख्या निर्धारित होती है कि एक बैच में कितने विद्यार्थियों को पढ़ाया जा सकता है। इसी के अनुसार उसकी फीस जमा होती है, लेकिन जिले में ऐसा कुछ भी नहीं है। करीब पांच साल पहले तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक प्रमोद कुमार ने रजिस्ट्रेशन के बगैर चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया था। उस दौरान अवैध रूप से संचालित हो रहे कई कोचिंग सेंटर कार्रवाई की जद में आए थे। उनके तबादले के बाद अभियान ठप हो गया। विभाग को लगातार अवैध कोचिंग सेंटरों के चलने की शिकायत मिलने के कारण डीआईओएस ने फिर से अभियान शुरू करने की पहल की है। जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा का कहना है कि जिले में रजिस्ट्रेशन के बगैर जो कोचिंग सेंटर चल रहे हैं उनके खिलाफ जल्द ही छापे की कार्रवाई कर जांच की जाएगी। पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने आगाह किया कि जो कोचिंग सेंटर रजिस्ट्रेशन के बगैर चल रहे हैं, संचालक अविलंब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करा लें। अन्यथा पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।