संतकबीरनगर। मौसम में परिवर्तन के चलते बुखार और टायफाइड के मरीजों से संयुक्त जिला अस्पताल का जनरल वार्ड फुल हो गया है। ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की लंबी कतार लग रही है। इसके अलावा घाघरा नदी की बाढ़ से प्रभावित रहे धनघटा तहसील क्षेत्र के गांवों में बुखार के अलावा उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मौसम बदलाव के साथ ही उल्टी दस्त के मरीजों की लगातार संख्या बढ़ रही है। संयुक्त जिला अस्पताल के ओपीडी में मंगलवार को 1900 मरीजों की पर्ची कटी। इसमें लगभग नौ सौ मरीज टायफाइड और बुखार से संबंधित थे। जबकि पिछले एक सप्ताह में अस्पताल में मरीजों की औसत संख्या 1400 से 1500 के बीच थी। मरीजों इलाज कर रहे डॉ. सुनील कुमार और डॉ. ओपी चतुर्वेदी समेत अन्य चिकित्सकों का कहना था कि सुबह से ही कतार लग गई थी। संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम में परिवर्तन का असर लोगों की सेहत पर पड़ता है। इस वक्त उमस भरी गर्मी के साथ-साथ तापमान में उतार-चढ़ाव से लोग बीमार होते हैं। भोजन संबंधी गड़बड़ी के कारण लोग टायफाइड के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त चिकनाई युक्त और बासी भोजन से बचें, सब्जी आदि को सही तरीके से धुलकर और पकाकर खाएं। बीमारी के लक्षण आने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
डायफाइड किस कारण होता है
टाइफाइड बुखार फैलाने वाला बैक्टीरिया प्रदूषित भोजन और पानी के साथ शरीर में प्रवेश करता है। यदि आप प्रदूषित भोजन लेते हैं तो बैक्टीरिया रक्त प्रवाह में प्रवेश कर गालब्लैडर (पित्त की थैली), पित्त वाहिनियों, या लिवर (यकृत) में पहुंचकर अपनी संख्या में वृद्धि करते हैं और आंतों में पहुंच जाते हैं।