संतकबीरनगर। जस्टिस रोहणी आयोग की रिपोर्ट से नाराज राष्ट्रीय नाई महासभा के लोगों ने शनिवार को शहर में जुलूस निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचे महासभा के लोगों ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
नाई महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामभवन शर्मा ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के वर्गीकरण के लिए केंद्र सरकार ने जस्टिस रोहणी आयोग का गठन किया है। इस आयोग ने ओबीसी की सभी जातियों का सर्वे किया है।
बीते 13 अगस्त को समाचार पत्रों के माध्यम से पता लगा कि इस सर्वे रिपोर्ट में ओबीसी आरक्षण का 75 फीसदी लाभ यादव, कुर्मी, साहू और नाई समाज को मिलने की बात कही गई है, जबकि सच्चाई यह है कि नाई जाति को ओबीसी के आरक्षण का तनिक भी लाभ नहीं मिला है। नाई समाज की वास्तविक स्थिति जस्टिस रोहणी आयोग की रिपोर्ट के विपरीत है।
नाई समाज की आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और शैक्षिक स्थिति दलितों व अल्पसंख्यकों से भी कई गुना ज्यादा खराब है। इसके बावजूद सर्वे करने वाली टीम ने जस्टिस रोहिणी आयोग को गलत, भ्रामक, तथ्यहीन रिपोर्ट देकर आयोग और केंद्र सरकार को गुमराह करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ओबीसी के आरक्षण के लाभ से वंचित नाई जाति को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए दोबारा सर्वे कराना आवश्यक है।
इस दौरान श्याम बिहारी, दुर्गा प्रसाद, अनिरुद्ध शर्मा, धर्मपाल शर्मा, प्रभु दयाल शर्मा, संतोष शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, ईश्वर चंद्र शर्मा, शेष मणि, रामानुज शर्मा, ज्ञान शर्मा, सूर्य भान, छांगुर प्रसाद, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।