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एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने लिया पानी का नमूना

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गंदे पानी का लिया नमूना, संतों ने सौंपा ज्ञापन
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शाम को मगहर कबीरचौरा के पास आमी नदी की हालत देखने पहुंची थी टीम
नदी के किनारे बसे गांवों के भूगर्भ जल की भी होगी जांच
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। आमी नदी के प्रदूषण की जांच के लिए मंगलवार को न्यायमूर्ति डीपी सिंह के नेतृत्व में एनजीटी की हाई पॉवर कमेटी मगहर कबीर स्थली पहुंची। टीम ने नदी में गिर रहे नगर पंचायत के नाले के पानी का नमूना लिया। इसके बाद नदी के किनारे बसे गांव के भूगर्भ जल की जांच के लिए निर्देश दिए। इस दौरान कबीरपंथी संतों ने आमी नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए एक मांग पत्र कमेटी के चेयरमैन को सौंपा।
टीम के सदस्यों ने बताया कि सुबह सिद्घार्थनगर जिले के सिकोहरा ताल स्थित आमी नदी के उदग्म स्थल से इसकी जांच शुरू हुई। टीम ने खलीलाबाद शहर के पास नदी में गिर रहे प्रदूषित जल का नमूना लिया। इसके बाद शाम को मगहर कबीरचौरा के पास नदी में गिर रहे नगर पंचायत के नाले के पानी का नमूना लिया गया। इस पानी को जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई होगी। जांच के बाद टीम ने कबीरचौरा जाकर संतकबीर की समाधि और मजार पर मत्था टेका। इस दौरान कबीरचौरा मठ के महंत विचार दास की तरफ से एनजीटी की समिति के चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग की गई। इस दौरान डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, केशव दास, विक्की खान, रामशरन, विनोद, आमी बचाओ मंच के विश्व विजय सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
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जब सिस्टम फेल होता है तब न्याय पालिका आती है
मगहर। एनजीटी के हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने मगहर कबीरचौरा पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नदियां हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा हैं, लेकिन भ्रष्टतंत्र के कारण आज इनकी हालत खराब है। जब तंत्र फेल होता है तब न्याय पालिका को कार्य पर लगाया जाता है। आमी नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के सवाल पर उनका कहना था कि अब यह मामला न्यायपालिका के हवाले है। लिहाजा शक की कोई गुंजाइश नहीं बचती। उन्होंने बताया कि डीएम ने खलीलाबाद व मगहर नगर पंचायत के नालों के पानी के शोधन के लिए जल्दी ट्रीटमेंट प्लांट लगा देने की बात कही है। इसके अलावा नदी को पुनर्जिवित करने के लिए भी कई कार्य किया जाना है। उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ रखने में समाज की भी अहम भूमिका है। समाज आधुनिकता के दौड़ में अपनी संस्कृति से कटता जा रहा है। इसी वजह से नदियों में प्रदूषण बढ़ रहा है।
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