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लेखपालों के आंदोलन की वजह से प्रभावित हो रहा कार्य

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खलीलाबाद तहसील में अपी मांगों को लेकर धरना देते लेखपाल। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। मांगों को लेकर आंदोलित 12 लेखपालों को प्रशासन ने सोमवार को निलंबित कर दिया। जबकि 76 पुराने लेखपालों को काम पर नहीं लौटने की दशा में निलंबित किए जाने का अल्टीमेट दिया है। इसके अलावा 271 नए लेखपालों को सेवा से पृथक करने की चेतावनी दी है।
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एडीएम रणविजय सिंह ने बताया कि तीन जुलाई से लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहा है। जिसकी वजह से आय ,जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी करने में दिक्कत हो रही है। अब तक करीब 11000 आवेदन पत्र लंबित है। सरकारी काम काज प्रभावित होने की वजह से लेखपालों को पूर्व में नोटिस देकर काम पर लौटने की चेतावनी दी गई थी। चार- पांच दिनों से आंदोलित लेखपालों के काम पर नहीं लौटने की वजह से शिकंजा कसे जाने की कार्रवाई शुरू की गई है। सोमवार को 12 लेखपाल निलंबित कर दिए गए हैं। जिसमें दस लेखपाल खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में कार्यरत है और दो लेखपाल मेंहदावल तहसील में कार्यरत हैं। जबकि पूर्व में लेखपाल संघ के जिला समेत 12 लेखपाल निलंबित किए गए थे।
जनपद में पुराने और नए लेखपाल सहित कुल 377 लेखपाल कार्यरत हैं। पुराने 76 लेखपालों को काम पर नहीं लौटने की दशा में निलंबन किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके अलावा 275 नए लेखपाल हैं। जिसमें दो लेखपाल मेडिकल अवकाश पर चल रहे हैं और दो लेखपाल आंदोलन में शामिल नहीं है। ऐसे में 271 नए लेखपालों को सेवा से पृथक करने की चेतावनी दी गई है। यदि वह जल्द काम पर नहीं लौटे तो कार्रवाई की जाएगी। संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर तीन जुलाई से धरना शुरू किया जा रहा है। शासन के दबाव में प्रशासन लेखपालों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। उसी के क्रम में प्रशासन ने उन्हें और उनके पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई लेखपाल संघ स्वागत करता है और अपनी मांगों को लेकर अनवरत धरना जारी रखेगा। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही धरना स्थगित अथवा समाप्त होगा।
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लेखपाल संघ का धरना जारी
संतकबीरनगर। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ का धरना सोमवार को नव निर्मित खलीलाबाद तहसील पर जारी रहा। लेखपालों ने कहा कि प्रशासन उन पर कार्रवाई कर उनके आंदोलन को दबाना चाहता है। लेखपाल प्रशासन की इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि लेखपाल का निलंबन किया जा रहा है और जबरिया काम पर वापस लौटने की चेतावनी दी जा रही है। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। इससे लेखपाल डरने वाले नहीं है। लेेखपाल कई माह से मांगों को लेकर आंदोलित हैं जो चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। उनकी मांग लेखपालों के वेतन उच्चीकरण, वेतन विसंगति, पेंशन विसंगति, भत्ते में वृद्धि, राजस्व उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति, लैपटॉप व स्मार्ट फोन, प्रोन्नति एवं आधार भूत सुविधाएं आदि हैं। धरने का संचालन उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर श्रवण कुमार, हरिशंकर विश्वकर्मा, ध्रुवचंद चौधरी, राजेंद्र त्रिपाठी, अभिषेक श्रीवास्तव, शेषदत्त त्रिपाठी, जीतेंद्र बहादुर पाल, मीना, गीता कटियार, सुनील श्रीवास्तव, जेपी यादव, रामसुमेर, राहुल श्रीवास्तव और मीडिया प्रभारी इम्तियाज अहमद आदि मौजूद थे।
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