हैंसर (संतकबीरनगर)। क्षेत्र के दुघराकला ग्राम पंचायत में मनरेगा , राज्य व चौदहवां वित्त के तहत बगैर कार्य कराए लाखों रुपये का भुगतान करा लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। गांव के लोग बुधवार को बीडीओ से इसकी शिकायत किए । जिस पर बीडीओ ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान, रामहित, श्यामलाल, रामज्ञा, रामशंकर, अंबिका पांडेय , मुकेश आदि का आरोप था कि मनरेगा और राज्य व चौदहवां वित्त की वेबसाइट पर जब गांव में कराए गए विकास कार्यों को देखा तो चौंकाने वाला आंकड़ा नजर आया। आरोप था कि मनरेगा के तहत अमरनाथ , प्रभु, बुलेट के खेत का समतलीकरण कराना दिखाकर भुगतान लिया गया है, जबकि इस नाम के व्यक्ति गांव में है ही नहीं। राजकुमार व गजेंद्र के खेत का समतलीकरण कराना दर्शाया गया है, जबकि दोनों लोग भूमिहीन हैं। इसी तरह लालचंद के खेत से पुलिया तक नाला खुदाई कार्य में दो लाख पांच हजार 75 रुपये का भुगतान कराया गया है, जबकि नाला का खुदाई कार्य आज तक नहीं कराया गया। इसी तरह चौदहवां व राज्य वित्त के तहत दुर्गा मंदिर से गड़ही तक खड़़ंजा निर्माण, सुक्खु के खेत से रामसुमझ के खेत तक खडंजा कार्य, ह्यूम पाइप पुलिया समेत अन्य कार्य दिखाकर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई है, जबकि यह कार्य कहीं भी धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि मनरेगा के तहत कई लोगों के खेतों का समतलीकरण जुलाई माह में कराना दिखाकर भुगतान हुआ है, जबकि जुलाई माह में उन खेतों में पानी भरा था और धान की रोपाई हो रही थी। गांव वालों का आरोप था कि पिछले तहसील दिवस में भी इसकी शिकायत आवेदन पत्र देकर किया गया था, लेकिन अभी तक जांच करने कोई नहीं पहुंचा। गांव वालों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ सौरभ पांडेय ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। बीडीओ ने बताया कि मनरेगा के तहत दो लाख 90 हजार रुपये का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में दुघराकला में किया गया है। सभी परियोजनाओं की स्थलीय जांच के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। जो दो दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। जांच में अनियमितता पाई गई तो संबधित के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।