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नवरात्र आज से, सजे देवी मंदिर

Tue, 09 Oct 2018 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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नवरात्र पर बन कर तैयार हुई मां दुर्गा की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। जनपद में नवरात्र पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं। मंगलवार को प्रमुख देवी मंदिरों के साथ देवी प्रतिमा स्थापित होने वाले स्थलों पर साफ-सफाई का कार्य चल रहा था। जिले में 640 मूर्तियां स्थापित होंगी।
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बुधवार से नवरात्र पर्व शुरू हो रहा है। खलीलाबाद शहर स्थित समय माता मंदिर, पाटेश्वरी देवी मंदिर, बरदहिया स्थित दुर्गा मंदिर, उसका कला स्थित देवी मंदिर में साफ सफाई हो रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में मेंहदावल के बाराखाल दुर्गा मंदिर, नगर वाली माता मंदिर, बेलहर कला में स्थापित सिदेश्वरी माता मंदिर, जंगल बेलहर में स्थापित दुर्गा मंदिर भी साफ सफाई हो रही थी। महुली और धनघटा क्षेत्र के देवी मंदिरों, बखिरा में भंगेश्वर नाथ मंदिर में स्थापित दुर्गा मंदिर में साफ सफाई, समय जी मंदिर आदि जगहों पर तैयारियां चल रही थी। विश्वनाथपुर में दुर्गा प्रतिमा आयोजक मंडल के सदस्यों ने बताया कि काली मंदिर परिसर में दुर्गा मूर्ति स्थापित होगी। यहां पर सफाई कार्य कराया जा रहा है। बिजली का कोई भरोसा नही है। जिसके कारण जनरेटर की व्यवस्था की गई है। रात्रि में मनोरंजन के लिए टेलीविजन पर रामायण का सीरियल चलेगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मी की मांग की गई है। ज्योतिषाचार्य सुजीत श्रीवास्तव बताते है कि नवरात्र पर्व की अपनी महत्ता है। नौ दिन लोग पूजा पाठ करते है। देवी मंदिरों में लोग जाते है और श्रद्धा से पैसे,वस्त्र, फल आदि चढ़ाते है। देवी की महिमा का बखान करते हुए बताया कि नवरात्र पर पूजा करने से कष्ट और रोग आदि का निवारण होता है। एसपी आकाश तोमर ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक मूर्ति पर दो-दो सिपाही अथवा होमगार्ड की डयूटी लगाई गई है। मूर्ति विजर्सन में भी पर्याप्त फोर्स रहेगा। उनका कहना है कि आयोजक मंडल भी स्वयं सुरक्षा की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें। अराजकतत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महुली में सात जगहों पर स्थापित होती है नौ दुर्गा प्रतिमा
धनघटा। महुली कस्बे में दुर्गा पूजा पर्व मनाने का 41 वर्ष पूरा हो चुका। इसको लेकर समूचे कस्बे वासियों में अपार उत्साह है। महुली कस्बा में कुल सात जगहों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चन अनवरत चलता रहता है। जिसमें दुर्गा मंदिर पर विगत 41 वर्षों से शारदीय नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित किया जाता रहा है। आयोजक कमेटी के संरक्षक पंडित वाचस्पति द्विवेदी ने बताया कि सन् 1978 में प्रथम बार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। समय बीतने के साथ इसमें और निखार आता गया। विगत वर्षों में प्रवचन, मां भगवती जागरण होते हैं। भारी संख्या में लोग मां दुर्गा के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं महिलाएं समूह में सुबह- शाम मां के दरबार में भजन-कीर्तन गाती हैं। इस बार अनोखा मां का दरबार सजेगा, जो भक्तों के मन को भाएगा।
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पंडालों में पहुंचने लगीं दुर्गा की प्रतिमाएं
बखिरा। एक सप्ताह से प्रतिमाओं को रखने के लिए समिति कार्यकर्ता पंडाल बनाने में जुटे हुए हैं। कुछ बन चुके पंडालों में नवरात्र की शुरुआत होते ही प्रतिमाओं के आने का क्रम शुरू भी हो गया है। इसे लेकर क्षेत्र में एक धार्मिक माहौल की शुरुआत होने लगी है। बुधवार को कलश स्थापित किया जाएगा। पूरे दस दिनों तक कस्बे समेत समूचे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय रहेगा। इस दौरान कस्बे के मंगल बाजार व नई बाजार मुहल्ले में नवमी तिथि तक रामलीला का भी आयोजन किया जाता है। बखिरा कस्बे में स्थापित होने वाले दुर्गा प्रतिमा के कमेटी के अध्यक्ष अनूप सिंह कसेरा ने बताया कि पंडालों को भव्य व आकर्षक बनाने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। विगत सालों की अपेक्षा इस वर्ष मां की प्रतिमा की विशेष सजावट की जाएगी। पंडालों को भी एक अलग रूप देने की तैयारी हो रही है। पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु मां के भिन्न-भिन्न रूपों का दर्शन कर सकेंगे। नौ दिनों तक मंगलबाजार, शनिचरा बाजार, नई बाजार, इंटर कॉलेज तिराहा, अस्पताल, राजा मार्केट में स्थापित दुर्गा की प्रतिमाओं व रामलीला को देखने के लिए क्षेत्रीय लोगों की भीड़ जुटती है।
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