रोसया बाजार (संतकबीरनगर)। पौली ब्लाक के बैणारी गांव के कई किसान गोभी, बैगन, मिर्चा, प्याज आदि सब्जियों के पौधे की नर्सरी से मुनाफा कमा रहे हैं। ग्राम पंचायत कड़जी रुस्तमपुर का बैणारी गांव क्षेत्र में हरी सब्जियों एवं सब्जी के पौधों के लिए मशहूर हो रहा है।
बैणारी गांव में करीब 150 परिवार ऐसे हैं जिनका गुजर बसर खेती पर निर्भर है। अगल-बगल के गांवों की तरह पहले यहां के किसान भी धान व गेहूं की फसल ही उगाते थे। इसके अलावा अपनी जरूरत के अनुसार हरी सब्जी का भी उत्पादन करते थे। परंतु धान-गेहूं की फसल से कम मुनाफा मिलने व नकदी फसल की तलाश में लगे यहां के किसानों ने सब्जी की खेती को बढ़ावा देना शुरू किया। धीरे-धीरे इनकी चर्चा अगल-बगल के बाजारों तक होने लगी। मुनाफा बढ़ा तो कई किसान इस कार्य में जुट गए। इस वक्त करीब 50 किसान ऐसे हैं जो पूरी तरह से सब्जी की खेती में रम गए हैं। यहां के किसान रमेश, शिवप्रकाश, रामरूप, संतराम, सुखदेव, रामानंद, फूलचंद, गोमती, यदुनाथ, जनार्दन, दयाराम, महेश, नागेंद्र, रघुपत आदि का बताना है कि उन लोगों को देखकर अगल-बगल के गांवों के किसान भी इस तरफ उन्मुख हुए हैं। कुछ लोग अपनी जरूरत भर की सब्जी का उत्पादन करते हैं। ऐसे लोग अच्छी क्वालिटी की बीज व खेती की जानकारी के लिए आते थे। इसे देखते हुए कई किसानों ने सब्जी के पौधों की नर्सरी बना दी। अब सब्जी उत्पादन के साथ-साथ नर्सरी से पौधे बेंचकर भी लाभ मिलने लगा। यहां के किसान रमेश मौर्या बताते हैं कि उन्होंने 25 बीघा में गोभी की खेती के साथ बीज उत्पादन भी शुरू किया है। खलीलाबाद की एक फर्म को वह बीज सप्लाई करते हैं। यह कंपनी दूसरे जिलों में बीज भेजती है। यहां उगाए गए पौधे व सब्जी को शनिचरा बाजार, धनघटा, बंडा बाजार, हैंसर, दुलहापार, उमरिया, पौली, रोसया, रामपुर आदि जगहों पर ले जाकर बेंचा जाता है। किसान सूर्यपाल मौर्या का कहना है कि उनके गांव में उगाए गए पौधों पर गुणवत्ता अच्छी होने की वजह से लोग विश्वास करते हैं और यहां से खरीदकर ले जाते हैं।