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Sant Kabir Nagar News: गला दबाकर हत्या के मामले में पति को दस साल की सजा

Fri, 22 Dec 2023 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक ने सुनाया फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे ने दहेज़ हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सात हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है। इसे अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। सास-ससुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि जिगिना, जिला सिद्धार्थनगर के मृतका के पिता बिरजू पुत्र गया प्रसाद ने दुधारा थाना में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि उसने अपनी बेटी छाया की शादी राजकुमार पुत्र किशन करही थाना दुधारा के साथ 29 अप्रैल 2021 को की थी। शादी में ही अपनी बेटी की विदाई कर दी थी। बेटी अपनी ससुराल में रहने के दौरान एक बार राजकुमार के साथ मेरे घर आई थी।
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राजकुमार ने मुझसे कहा था कि आप लोगों ने मोटरसाइकिल कह कर के नहीं दिया। अब मुझे मोटरसाइकिल दे दीजिए। इस पर हमने वह हमारी पत्नी मंजू ने कहा था कि ठीक है। इस समय लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन के बाद दे दिया जाएगा। तब दामाद राजकुमार मेरी बेटी छाया को अपने साथ अपने घर ले गया। कुछ दिन बाद दामाद ने मुझे टेलीफोन कर कहा कि मुझे मोटरसाइकिल अभी चाहिए नहीं तो तुम अपनी बेटी से हाथ धो लोगे।
नौ जून 2021 को 11 बजे रात को सूचना मिली कि मेरी बेटी छाया ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर मैं तथा मेरी पत्नी मंजू व मेरी बेटी रेनू व गुड़िया राजकुमार के घर ग्राम करही पहुंचे। छाया मृत अवस्था में पड़ी थी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरी बेटी छाया को दामाद राजकुमार उसके माता रीता देवी व उसके पिता किशन ने दहेज में मोटर साइकिल न मिलने के कारण गला दबा कर हत्या कर दी है।
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थाना दुधारा में राज कुमार, रीता देवी, राम कृष्ण के विरुद्ध दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ। विवेचक ने आरोपपत्र पति, सास, ससुर के विरुद्ध कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की गवाही अभिलेखीय साक्ष्य तथा सुनवाई के बाद दोषी पाए जाने पर पति राज कुमार गौंड को दस साल कारावास की सजा सुनाई तथा सात हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थ दंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही सास रीता देवी ससुर राम कृष्ण गौंड को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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