फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के आरोप में युवक को सात साल का कारावास

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौसी(संभल)। युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में न्यायालय ने आरोपी युवक को सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन

एडीजीसी शालिनी ने बताया कि चंदौसी के मोहल्ला निवासी युवती ने चंदौसी कोतवाली में अगस्त 2018 में पुलिस को तहरीर देकर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया था कि वह बाजार में एक कपड़े की दुकान पर सेल्स गर्ल्स का काम करती थी। वहीं मोहल्ला घटियागेट निवासी कुलदीप भी काम करता था। वहां उसकी कुलदीप से जान पहचान हो गई थी। आरोपी ने अपनी जाति छुपाकर स्वयं को अनुसूचित जाति का बताते हुए शादी करने का झांसा दिया और अपने माता-पिता से मिलवाने की बात कहते हुए अपने घर ले गया। आरोपी ने युवती के सामने ही अपने माता-पिता से शादी की बात की। उसके बाद आरोपी के माता-पिता घर से बाहर चले गए। युवक ने युवती के साथ दुष्कर्म किया।
बाद में आरोपी पीड़िता को अनुसूचित जाति का बताते हुए शादी करने से इनकार कर दिया। 18 अगस्त 2018 को आरोपी पीड़िता को फिर से सरकारी अस्पताल के पास मिला और उसने आरोपी से शादी करने की बात कही। तो आरोपी युवक ने अभद्रता करते हुए गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। उसके साथ छेड़खानी भी की।
विज्ञापन

युवती की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी कुलदीप के खिलाफ एससीएसटी एक्ट, दुष्कर्म के मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। इस मामले की सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (रेप एंड पोक्सो) में हुई। विशेेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने सुनवाई के दौरान आरोपी कुलदीप को दुष्कर्म एवं एससी-एसटी एक्ट के मामले का दोषी पाया है। सभी मामलों में आरोपी कुलदीप को सात साल के सश्रम कारावास व 18 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनवाई है। अर्थदंड की धनराशि का पचास प्रतिशत पीड़िता को बतौर प्रतिकर के रुपये में अदा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें