संभल। गांव दरियापुर राजदेव में बुधवार को ट्रांसफार्मर पर मोटर के तार लगाते समय गांव निवासी अमरजीत सिंह (29) की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे सीओ डॉ. प्रदीप कुमार के समझाने पर परिजन माने। तब पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों के अनुसार, बुधवार की सुबह गांव का एक व्यक्ति अमरजीत को फसल पर कीटनाशक का छिड़काव कराने के लिए घर से बुलाकर ले गया था। उस व्यक्ति का घर खेत में बना है। जहां पर उसने अमरजीत से चारा काटने के लिए ट्रांसफार्मर पर मोटर का तार लगाने के लिए कहा। चारा मशीन की मोटर का केबल ट्रांसफार्मर के तार पर जोड़ते समय अमरजीत करंट की चपेट में आ गया। चारा काटने के बाद व्यक्ति ने घर से बाहर निकलकर देखा तो अमरजीत जमीन पर बेहोश पड़ा था। वह अपने बेटे की मदद से अमरजीत को सैदनगली में डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर मना कर दिया। इसके बाद अमरजीत को संभल व मुरादाबाद ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना पर पत्नी पूजा के अलावा डेढ़ वर्ष के बेटे शिकांत का रो-रोकर बुरा हाल था।
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भाई बोला- मौत होने के बाद दी गई जानकारी
मृतक के बड़े भाई शूरवीर ने बताया कि गांव को जो व्यक्ति उसके भाई को घर से लेकर गया था, वही करंट लगने के बाद सैदनगली लेकर पहुंचा था, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी। जब डॉक्टर ने भाई को मृत घोषित कर दिया, तब उन्हें जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर वह सैदनगली पहुंचा और अमरजीत को पहले संभल और बाद में मुरादाबाद लग गया। आरोप है कि अमरजीत की मौत की सूचना मिलने पर वह व्यक्ति परिवार के साथ घर से भाग गया।
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चार घंटे तक रखा रहा शव, बाद में परिजन माने
अमरजीत की मौत होने के बाद परिजन उसका शव लेकर घर पहुंचे और व्यक्ति के घर के बाहर अमरजीत का शव रख दिया। जिसके बाद मौके पर अन्य परिजनों व आसपास के लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गई और परिजनों ने गांव के उसी व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो परिजन गांव के उस व्यक्ति को मौके पर बुलाने की जिद करने लगे। सीओ असमोली डॉ. प्रदीप कुमार के समझाने पर करीब चार घंटे बाद परिजन माने और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। संवाद