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मोबाइल टॉवर के तनकीकी कर्मचारी की गोली मार कर हत्या

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संभल। चार हमलावरों ने घर में घुसकर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक मोबाइल टावर के तकनीकी कर्मचारी के बतौर मुरादाबाद में काम करता था। घटना असमोली थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव की है। हमलावर अज्ञात हैं। अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। न ही हत्या की वजह साफ हुई है। परिजन किसी रंजिश से इनकार कर रहे हैं।
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मोबाइल टॉवर के तकनीकी कर्मचारी दिनेश कुमार (35) की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिनेश मुरादाबाद में मोबाइल टॉवरों की तकनीकी कमियों को दूर करने का काम करते थे। पीतलनगरी मुरादाबाद में किराये पर कमरा लेकर रहते थे। वह सोमवार की रात ही गांव स्थित अपने घर आए थे। गांव में उसके माता-पिता और भाई, बहन तथा पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं।
परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात करीब दो बजे ढाटा बांध कर घर में घुसे चार लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। दिनेश को गोली मारने से पहले हमलावरों ने पिता को डंडे से पीटा। फिर रुमाल से उनके दोनों हाथ बांध दिए। इसके बाद पिता को उस कमरे की ओर ले गए जहां दिनेश सो रहे थे। हमलावरों ने जब दिनेश के पिता नन्हे को पीटा तो उनकी चीख निकल गई और चीख सुनकर दिनेश और उसकी पत्नी जाग गए। जैसे ही दिनेश कमरे से निकला तो एक हत्यारे ने उसकी ओर डंडा मारा। वह जान बचाने के लिए सीढ़ियों की ओर दौड़े तो उन पर गोली चला दी गई।
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अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल ने बताया कि सीने में दाहिनी ओर गोली लगी है। मौके पर ही दिनेश की मौत हो गई। जिस वक्त हत्या की गई दिनेश के माता पिता, भाई, बहन और बच्चे भी घर पर थे। अब तक जो जानकारी आई है उसके मुताबिक हमलावर दीवार फांदकर घुस थे और हत्या के बाद मुख्य दरवाजे से निकल गए। वारदात को करीब 20 मिनट में अंजाम दिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते तब तक हमलावर भाग चुके थे। एएसपी ने बताया कि दिनेश के भाई किरनपाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हमलावरों ने पिता को डंडा मारकर पूछा कहां दिनेश
असमोली (संभल)। हमलावर सिर्फ दिनेश की हत्या के इरादे से ही आए थे। इसलिए उन्होंने घर में घुसने के बाद सबसे पहले घर के बरामदे में सो रहे दिनेश के पिता को अपने कब्जे में लिया। उनके हाथ बांध दिए। दिनेश के बारे में पूछा। दिनेश कमरे में सो रहा था और जब दिनेश और उनकी पत्नी ने पिता नन्हें की चीख सुनी तो वे बाहर निकले। कमरे से बाहर निकले दिनेश को हमलवारों ने पकड़ने का प्रयास किया तो वह सीढ़ियों की तरफ बढ़ा। उसे एक हमलावर ने डंडा फेंककर मारा और कुछ पलों में पकड़ लिया। हमलावरों ने दिनेश को गोली मारी और मुख्य द्वार से भाग गए। वारदात के दौरान पिता नन्हें जमीन पर और बाकी परिजन बरामदे में दुबके पड़े रहे।
जागे तो भागे, खेतों में ढूंढा लेकिन कोई हाथ नहीं आया
संभल। सोमवार रात करीब दो बजे के बाद जब हमलावर दिनेश के घर में घुसे तब गांव के लोग और दिनेश के परिजन नींद में थे। पिता नन्हें ने बताया कि वह बरामदे में सो रहे थे। एक बदमाश ने उसे जगाया और दिनेश के बारे में पूछा। उन्होंने देखा तो तीन बदमाश और थे। बेटे, पत्नी और परिजन सभी सो रहे थे। बदमाशों के जाने के बाद जब शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्र हुए। कुछ लोग खेतों की ओर भी गए लेकिन कोई हाथ नहीं आया।
मां के नहीं थम रहे आंसू, पत्नी और बच्चों का हाल-बेहाल
संभल। दिनेश की पत्नी रेखा, बेटा अवनेश (10) व भुवनेश (8) और बेटी नैना (6) हैं। दिनेश की हत्या के बाद पत्नी और बच्चों का बुरा हाल है। मां डल्लो देवी के आंसू नहीं थम रहे हैं। परिजन दुखी हैं। पड़ोसी और रिश्तेदार सांत्वना दे रहे हैं।
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