एक जिला एक उत्पाद योजना को प्रदेश व केंद्र सरकार की ऋण संबंधी योजनाओं में वरीयता मिलेगी। संभल जिले में मुद्रा योजना के तहत 5000 लोगों को कर्ज देकर रोजगार के क्षेत्र में खड़ा किया जाना है। इसमें 40 प्रतिशत यानि 2000 ऋण हस्तशिल्पियों के लिए होंगे। इसकी पहल जिला उद्योग केंद्र और बैंकों के अधिकारियों ने शुक्रवार को की है।
सरायतरीन के शहनाई भवन में शिविर लगाया गया जहां पर हस्तशिल्पियों ने आवेदन किए हैं। प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी बैंकर्स के पास ऋण आवेदन भेजेंगे। बैंकर्स परीक्षण करने के बाद लाभार्थी के खाते में ऋण की राशि जमा करेंगे। इसमें अगर लाभार्थी समय से कर्ज अदा करता है तो उसे 10 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यानि पांच लाख का ऋण लिया तो पचास हजार रुपये अनुदान हुआ। प्रदेश के स्थापना दिवस पर घोषित एक जनपद एक उत्पाद योजना लागू की थी। इसके अंतर्गत वर्ष 2015 से घोषित भारत सरकार की मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी दी जाएगी। यही मार्जिन मनी समय पर ऋण की अदायगी किए जाने पर अनुदान में बदल जाएगी। योजना के अतर्गत एक जनपद एक उत्पाद के जनपद संभल में सींग एवं हड्डी के उत्पादों को चुना गया है।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक अजमी नकवी ने बताया कि इससे संबंधित काम करने पर उद्यमियों को 10 प्रतिशत की मार्जिन मनी प्रदेश सरकार द्वारा देय होगी। योजना के अंतर्गत मार्जिन मनी का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा इस योजना के आवेदन पत्रों को संस्तुति सहित संबंधित बैंक को एक सप्ताह के अंदर प्रेषित किया जायेगा।
इस योजना में कम से कम पचास हजार और अधिक से अधिक दस लाख तक के ऋण दिए जा सकेंगे। शिविर को पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक आरके सिंह, प्रथमा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके सारस्वत, प्रथमा बैंक सरायतरीन के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राजेंद्र सिंह, एचडीएफसी के शाखा प्रबंधक जावेद खान, हस्तशिल्प निर्यातक कमल कौशल वार्ष्णेय ने संबोधित किया। संचालन ताहिर सलामी ने किया। सुहेल परवेज, हाजी सहादत समेत कई निर्यातकों ने भागीदारी की। बैंकों ने अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।