संभल। शहर में पाप मोचन तीर्थ और प्राचीन पिशाच मोचन तीर्थ के अलावा तीन कूपों को संवारने की तैयारी चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब काम की शुरूआत होनी है। ईओ नगर पालिका का कहना है कि जल्द ही सौंदर्यीकरण का काम शुरू कराया जाएगा।
68 तीर्थ और 19 कूपों की नगरी संभल में तीर्थों और कूपों के सुंदरीकरण को लेकर नगर पालिका ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। सरकार ने दो तीर्थों पर विभिन्न कार्य कराने के लिए स्वीकृति दी थी। इनमें मोहल्ला तिवारी सराय में स्थित प्राचीन देव तीर्थ पाप मोचन तीर्थ और मंडी किशनदास सराय में स्थित प्राचीन देव तीर्थ पिशाच मोचन के लिए 1.95 करोड़ का बजट स्वीकृत करते हुए किस्त के रूप में 97.50 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। दोनों तीर्थों पर दो हाल, विश्रामालय का निर्माण होना है। दो शेड और परिक्रमा मार्ग बनाया जाएगा।
प्रकाश व्यवस्था के साथ ही बेंच एवं वाटर कियोस्क का इंतजाम होगा। वहीं सरायतरीन के मोहल्ला दरबार में जामा मस्जिद के सामने स्थित रसोदक कूप, मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित ऋषिकेश कूप और हल्लू सराय में स्थित अमृत कूप पर भी 47.67 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाने हैं। नगर पालिका ने तीर्थों और कूपों पर काम कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करा ली है। अब जल्द ही इन्हें संवारने का काम शुरू होने जा रहा है।
000000000
किस कूप का क्या महत्व-
अमृत कूप - इस कूप में स्नान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। भगवान के सानिध्य में इस तीर्थ पर स्नान करने वाले अन्य स्थान पर मृत्यु को प्राप्त होने पर भी स्वर्ग को जाएंगे।
रसोदक कूप - जो नियम करके छह महीने इस कूप के जल का विधि पूर्वक पान करते हैं, वह ज्ञान प्राप्त करके सुख को भोगते हैं।
ऋषिकेश कूप - यह कूप महा पापों का नाश करता है। मान्यता है कि यह तट पर मरने वालों को स्वर्ग पहुंचाता है।
शहर में दो तीर्थों और तीन कूपों पर काम कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार तय अवधि में पूरी हो सकी है। अब तीर्थों एवं कूपों पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है। जिसमें सुंदरीकरण और अन्य कार्य कराए जाने हैं। डॉ.मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका संभल।