जिस संभल में कुछ लोगों ने सौहार्द को ताक पर रखने की कोशिश की, तो वहीं देश की एकता और भाईचारे को कायम रखने के लिए एक मिसाल भी पेश की। जी हां, संवेदनशील संभल में रविवार को ऐसा ही सुकून भरा नजारा देखने को मिला।
मौका था स्वयंसेेवक संघ के पथ संचलन का। शंकर चौराहे पर जब गणवेश में स्वयंसेवक निकले तो मुस्लिम समाज की कुछ महिलाओं ने आगे आकर उनका स्वागत किया। कदमताल कर रहे स्वयंसेवकों पर खूब फूल बरसाए। ये नजारा उन लोगों के हैरतभरा था जो सांप्रदायिक सौहार्द में जहर घोलने का काम करने का प्रयास कर हैं।
बताते चलें कि नखासा थाना क्षेत्र में 29 मार्च को नगर के मोहल्ला दीपा सराय में गोवंशीय पशुओं की हत्या करने के आरोपी को पुलिस पकड़ने के लिए गई थी। तभी लोगों ने पुलिस पर एक धर्मग्रंथ की बेहुरमती करने का आरोप लगाते हुए उपद्रव कर बल्ले की पुलिया पर जाम लगा दिया था।
जाम खुलवाने पहुंचे एसडीएम और सीओ को भी लोगों ने दौड़ा लिया था। इसके बाद असमोली पुलिस को लाठी-डंडों से पीटा गया था। पुलिस पर पथराव किया गया था। एसडीएम के अर्दली जैत सिंह को पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
ऐसे माहौल में जब हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी पथ संचलन निकाल रहे थे। उस वक्त सौहार्द से ओतप्रोत एक नजारा देखने को मिला। जब स्वयं सेवक शंकर चौराहे पर पहुंचे, तो अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य सैय्यद शान अली के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
महिलाओं ने काफी देर तक स्वयंसेवकों पर फूलों की बरसात की। इस मौके पर आसमां जहां, रमजाना परवीन, परवीन जहां, समीन परवीन, नाजिस परवीन, नसीम जहां, शबनम जहां, शगुप्ता, असलम, आसिफ अंसारी, राशिद अंसारी, अब्दुल हकीम, यासीन अंसारी, शानू, रईस अंसारी, कालिम अख्तर आदि मौजूद रहे।