संभल। गांव मोहम्मदपुर टांडा में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा शुरू होने से पहले कलशयात्रा निकाली गई। आचार्य अखिलेश शर्मा ने पंचांग पूजन कराके महिलाओं और बालिकाओं के सिर पर कलश धारण कराया। नगर भ्रमण कर सभी ने स्थानीय देवी देवताओं का आशीर्वाद लिया।
इसके बाद कथा के महात्म्य पर बखान करते हुए कवित आचार्य ने कहा कि बालकों को जन्म से ही संस्कारित करना चाहिए। धुंधकारी की माता ने अधिक लाड़ के कारण अपने बालक को संस्कार नहीं दिए, जिसके दुष्परिणाम हैं कि वह पथभ्रष्ट हो गया और वेश्या गमन करने लगा। अंततः वेश्याओं के द्वारा मारा जाने पर प्रेत योनि को प्राप्त हुआ। वहीं, अच्छे संस्कार पाकर गो पुत्र गोकर्ण पंडित ज्ञानी हो गए। उन्होंने अपने पिता आत्मदेव को उपदेश देकर जीवन धन्य कर दिया।
कथाव्यास ने कहा कि कलश यात्रा में चलने से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता हैैै। इसलिए जहां भी कलश यात्राएं निकलतीं हों, वहां शामिल होना चाहिए। इस दौरान विजय शर्मा, अनिल शर्मा, भूराज चौधरी, सुधीश शर्मा, शिवोम शर्मा, सपत्नीक, भूरे चौधरी, सुभाष चौधरी, सत्यवीर सिंह, राजा शर्मा, पप्पी चौधरी, मीनू शर्मा, मंजू चौधरी आदि रहे।
फोटो संख्या:54- छात्र आशुतोष-स्रोत- हकेंवि
फोटो संख्या:54- छात्र आशुतोष-स्रोत- हकेंवि