संभल। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव परतापुर में बीमारी पीड़ित परिवार में चार दिनों के भीतर तीन मौतें हुईं। गर्भवती महिला और उसके दो जुड़वा बच्चों ने दम तोड़ दिया है। महिला के दो बच्चे अभी बीमार हैं, जिनका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा है।
परतापुर गांव में रामसेवक अपनी पत्नी भूरी देवी और चार बच्चों के साथ निवास करता है। गुरुवार को शाम परिवार के सदस्यों ने चावल दाल खाया. इसके बाद रात में दस बजे के करीब टिंकू ( 2 वर्ष) की हालत बिगड़ी। उसे उल्टी-दस्त होने लगे। इस पर उसे गवां के निजी चिकित्सक को दिखाया लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी। शुक्रवार को दस बजे टिंकू ने दम तोड़ दिया। इसका अंतिम संस्कार करके लौटे परिजनों को उस वक्त सदमा लगा जब देर रात टिंकू की जुड़वा बहन रिंकी की हालत बिगड़ गई। उसे भी उल्टी-दस्त हुए। परिवार के सदस्य उसे लेकर हसनपुर जा रहे थे। रास्ते में रिंकी ने दम तोड़ दिया। उसे लेकर घर पहुंचे। शनिवार को दोपहर अंतिम संस्कार किया तब तक इनकी मां भूरी (35 वर्ष) की तबीयत खराब हुई। वह आठ महीने की गर्भवती और उसकी हालत बिगड़ने का असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ा। गंभीर अवस्था में उसे पहले हसनपुर और फिर मेरठ ले जाया गया लेकिन कहीं भी सुधार नहीं हुआ। इस पर परिजन रविवार को शाम 7.30 बजे उसे वापस गांव परतापुर ले आए। इसके बाद फिर उसे किराये की गाड़ी से लेकर रात 12 बजे हसनपुर पहुंचे। हसनपुर में निजी चिकित्सकों ने उसके आठ महीने के बच्चे को मृत अवस्था में निकाला। उम्मीद थी कि भूरी बच जाएगी लेकिन सोमवार को दिन में 11 बजे भूरी ने दम तोड़ दिया। परिवार चार दिन के भीतर तीन मौत होने से सदमे में है। दो बच्चे शीतल (8 वर्ष) और अजय (6 वर्ष) अभी बीमार हैं जिनका उपचार गवां में चल रहा है। भूरी देवी का सोमवार को शाम अंतिम संस्कार किया गया है। एक परिवार में तीन मौतों से गांव में हर कोई दुखी है। भूरी के पति का कहना है कि राशन कोटे के चावल खाने के बाद परिवार बीमार हुआ था। जबकि गांव के लोगों का कहना है कि चावल तो और भी बहुत लोगों ने खाया था।