फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदर्शन की कमान अब महिलाओं के हाथ आई

विज्ञापन
संभल के हसन पैलेस में अमन चैन के लिए दुआ करतीं महिलाएं। - फोटो : SAMBHAL
विज्ञापन
संभल। संभल में हुए बड़े बवाल में दो लोगों की जान गई। कई मुकदमे दर्ज हुए। इसमें सैकड़ों लोग फंस गए। तमाम पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शकारियों को भी चोट आई है। संभल में ही सत्तर से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उन्हें जेल भेजा गया है। इसके बाद पुरुष आंदोलन से पीछे हो गए हैं अब महिलाएं आगे आईं हैं लेकिन अहम बात यह है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन और आंदोलन की रणनीति में यही बदलाव है। संभल की तरह ही रविवार को हापुड़ में भी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया है। इससे लगता है कि आंदोलन की रणनीति बदली हुई है। यह बदलाव रविवार को दोपहर संभल की सड़कों पर नजर आया। संभल में दो स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। महिलाएं खुद अपना ज्ञापन लेकर आईं थीं। यह बात अलग है कि दोनों ही स्थानों पर युवा नेताओं के जरिए प्रशासन को महिलाओं ने अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध था।
महिलाओं के हाथों में जो तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथ जो तख्तियां थीं उसमें एनआरसी को रिजेक्ट करने की मांग को प्रमुखता के साथ उठाया गया था। तख्तियों को देखकर यह माना जा रहा है कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्लवाय में होने वाले प्रदर्शनों की तर्ज पर ही संभल में प्रदर्शन किए गए हैं।
विज्ञापन

प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हुए इसे लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि जब प्रदर्शन के लिए विभिन्न मोहल्लों से महिलाएं हसनपैलेस में एकत्र हो रहीं थीं। उस वक्त प्रशासन ने यह प्रयास किया था कि महिलाएं प्रदर्शन के लिए एकत्र न हों। इसे लेकर प्रशासन की कुछ नेताओं से बातचीत हुई पर बात नहीं बनी। इसी बीच चौधरीसराय पुलिस चौकी पर महिलाएं पहुंची। उन्होंने जिलाधिकारी से बातचीत की। इन महिलाओं के साथ सपा नेता सुहेल इकबाल भी थे। महिलाओं ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने और निर्दोष लोगों को छोड़ने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं वापस हो गईं।
संभल में महिलाओं ने अमन के लिए दुआ की
संभल में सिर्फ विरोध प्रदर्शन और बवाल नहीं हो रहा है, बल्कि अमन के लिए दुआएं भी रही हैं। अमन के लिए शनिवार को उलेमा और प्रशासन के बीच संवाद हुआ था। इसके बाद अमन और शांति के लिए चौतरफा पहल हुई। तमाम लोग अपने अपने तरीके से अमन के लिए लोगों के बीच संवाद कर रहे हैं। एक-दूसरे के मददगार बन रहे हैं। अफवाहों का भी खंडन कर रहे हैं। इसी बीच संभल के हसनपैलेस में महिलाओँ ने अमन की दुआ की है। महिलाओँ का कहना है कि वे चाहती हैं कि संभल में अनन रहे और यहां के लोग तरक्की की राह पर आगे बढे़ं।
हमें एनआरसी और सीएए नहीं, रोजगार और शिक्षा चाहिए
सरकार संभल ही नहीं पूरे देश में सीएए और एनआरसी में लोगों को उलझा रहे है। इससे भाईचारे को चोट पहुंच रही है। जबकि हम तो यही चाहते हैं कि एनआरसी और सीएए को न लागू किया जाए। सबसे पहले लोगों को रोजगार और शिक्षा दिलाई जाए जब बुनियादी जरूरतें पूरी हो जाएं तब कुछ और किया जाए। महिलाओँ ने कहा कि उन्हें रोजगार और शिक्षा चाहिए। ऐसा लगता है कि सरकार इसमें विफल हो रही है इसलिए भाईचारे को तोड़ने वाले बिल ला रही है और कानून बना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें