चंदौसी(संभल)। न्यायालय ने थाना संभल क्षेत्र के वर्ष 2020 के दहेज हत्या के मामले में महिला को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
संभल कोतवाली क्षेत्र तहरीर महरूल द्वारा कोतवाली संभल पुलिस को दी गई थी। इसमें महरूल ने बताया कि उनकी पुत्री महक को उसकी देवरानी फिरदौस ने बहला फुसला कर अपने भतीजे फरमान के साथ एक वर्ष पहले भगवाकर शादी करवा दी थी। देवरानी मकान के बंटवारे को लेकर उसके परिवार ने रंजिश रखती थी। तीन माह पहले फरमान ने दो लाख रुपये की मांग करते हुए उसकी पुत्री महक को घर से निकाल दिया था।
तब से ही पुत्री देवरानी फिरदौस जहां के घर रह रही थी। फिरदौस ने कई बार महरूल से कहा कि वह शादी में तीन-चार लाख रुपये खर्च करती इसलिए वह अपने दामाद फरमान को दो लाख रुपये दे दे। महरूल ने साफ इन्कार कर दिया था। तब से फिरदौस और फरमान उसकी पुत्री को परेशान करने लगे। 13-14 जून 2020 की रात पुत्री ने उन्हे फोन किया, कहा कि फरमान और फिरदौस उससे झगड़ा कर रहे थे। सुबह फिरदौस ने बताया कि उनकी पुत्री महक मरी पड़ी है।
महरूल ने कहा कि उसे शक है कि उसकी पुत्री को फरमान और फिरदौस ने मारा है। पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में फरमान और फिरदौस के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने फिरदौस को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जबकि पति फरमान को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त किया।