एक निजी अस्पताल में थी आया, नर्सिंग होम खोल बन गई डॉक्टर
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार की गई बबीता ने वर्ष 2012 में कक्षा 12 की परीक्षा पास की थी। थाना पुलिस के अनुसार इंटर करने के बबीता ने बाद अमरोहा जनपद के हसनपुर कस्बा स्थित एक नर्सिंग होम में बतौर आया काम शुरू कर दिया। कुछ समय बाद वह रजपुरा में स्थित सेवा क्लीनिक में काम करने लगी।
इसी दौरान उसकी मुलाकात अनिल यादव निवासी श्यामपुरी कस्बा व थाना नरौरा जनपद बुलंदशहर से हो गई। अनिल यादव पहले से ही शादीशुदा था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने के बाद अनिल यादव ने उससे शादी कर ली और वर्ष 2019 में बबीता को गुन्नौर चौराहा पर साई पॉलिक्लीनिक खोल लिया।
बबीता खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती थी। आसपास की आशा कर्मियों की सहायता से गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए बुलाने लगी तथा उनका उपचार व प्रसव कराने लगी। एसीएमओ डाॅ. मनमोहन शर्मा के अनुसार चिकित्सा विभाग द्वारा सख्ती करने के दौरान बबीता ने अस्पताल के नाम का बोर्ड हटवा दिया तथा छिपकर गर्भवती स्त्रियों का उपचार व प्रसव करती रही।
इस कार्य में बबीता द्वारा लाली नाम की एक सहायिका भी रखी हुई थी, जिसके संबंध में जांच की जा रही है। अवैध अस्पताल संचालन के सहयोग करने वाली आशा कर्मियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।