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प्रेम विवाह के बाद बनी फर्जी डाॅक्टर: निजी अस्पताल में थी आया, खोल दिया नर्सिंग होम, ऑपरेशन करते समय गिरफ्तार

Mon, 10 Nov 2025 02:46 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, गुन्नाैर (संभल)

सार

गुन्नौर में आया के रूप में काम करने वाली महिला ने प्रेम विवाह के बाद नर्सिंग होम खोलकर खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बताकर इलाज और डिलीवरी ऑपरेशन शुरू कर दिए। चिकित्सा विभाग की छापेमारी में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। एसीएमओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 
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पुलिस ने फर्जी डाॅक्टर को किया गिरफ्तार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गुन्नौर के निजी अस्पताल में आया के तौर पर काम करने वाली महिला ने प्रेम विवाह करने के बाद गुन्नौर में एक नर्सिंग होम खोल लिया और स्त्री रोग विशेषज्ञ बनकर न सिर्फ महिलाओं का इलाज कर रही थी, बल्कि आपरेशन से डिलीवरी भी कर रही थी। विभागीय छापे में खुलासा होने के बाद एसीएमओ की ओर से महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

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महिला फरार हो गई थी। रविवार को पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही सहायक के तौर पर उसके साथ काम करने वालों की जांच भी शुरू कर दी गई है।  चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा अवैध अस्पतालों के खिलाफ बीती तीन नवंबर को छापा मारा था।

चेकिंग के दौरान गुन्नौर चौराहा पर स्थित गय्यूर अली की दुकानों के अंदर संचालित साई अस्पताल को चेक करने पर पता लगा कि अस्पताल को अनिल कुमार निवासी गली श्यामपुरी कस्बा व थाना नरौरा अपनी पत्नी बबीता के साथ मिलकर संचालन कर रहे हैं।
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मौके पर मौजूद बबीता ने बताया कि उनके अस्पताल का रजिस्ट्रेशन उनके पति डाॅ. अनिल कुमार के नाम पर है तथा दस्तावेज भी उन्हीं के पास हैं। स्वास्थ्य टीम ने अस्पताल से डिलीवरी इस्टूमेंट, डाप्लर तथा कई तरह की ओपीडी संबंधित दस्तावेज बरामद कर लिए।

मौजूद महिला को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन सात नवंबर तक कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उक्त अस्पताल की जांच एसीएमओ डाॅ. मनमोहन शर्मा को सौंपी गई।

जांच के बाद एसीएमओ ने महिला बबीता के खिलाफ तहरीर देकर थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि रविवार को पुलिस ने बबीता को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे भेज भेज दिया गया है। 

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एक निजी अस्पताल में थी आया, नर्सिंग होम खोल बन गई डॉक्टर
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार की गई बबीता ने वर्ष 2012 में कक्षा 12 की परीक्षा पास की थी। थाना पुलिस के अनुसार इंटर करने के बबीता ने बाद अमरोहा जनपद के हसनपुर कस्बा स्थित एक नर्सिंग होम में बतौर आया काम शुरू कर दिया। कुछ समय बाद वह रजपुरा में स्थित सेवा क्लीनिक में काम करने लगी।

इसी दौरान उसकी मुलाकात अनिल यादव निवासी श्यामपुरी कस्बा व थाना नरौरा जनपद बुलंदशहर से हो गई। अनिल यादव पहले से ही शादीशुदा था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने के बाद अनिल यादव ने उससे शादी कर ली और वर्ष 2019 में बबीता को गुन्नौर चौराहा पर साई पॉलिक्लीनिक खोल लिया।

बबीता खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती थी। आसपास की आशा कर्मियों की सहायता से गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए बुलाने लगी तथा उनका उपचार व प्रसव कराने लगी। एसीएमओ डाॅ. मनमोहन शर्मा के अनुसार चिकित्सा विभाग द्वारा सख्ती करने के दौरान बबीता ने अस्पताल के नाम का बोर्ड हटवा दिया तथा छिपकर गर्भवती स्त्रियों का उपचार व प्रसव करती रही।

इस कार्य में बबीता द्वारा लाली नाम की एक सहायिका भी रखी हुई थी, जिसके संबंध में जांच की जा रही है। अवैध अस्पताल संचालन के सहयोग करने वाली आशा कर्मियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
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