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Sambhal News: कहां गया 4.52 करोड़ वाला डाक सहायक, विभाग को पता न पुलिस को

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- निवेशकों के डाकघर खाते में डालकर अपने बैंक अकाउंट में शिफ्ट करता था रकम
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- उठा सवाल, कालेधन को सफेद करने की साजिश थी या कुछ और

- कहां से हासिल हुई इतनी बड़ी रकम...इसका जवाब तलाशना भी बाकी



संवाद न्यूज एजेंसी

संभल। बहजोई में तैनात डाक सहायक दीपक कुमार 4.52 करोड़ अपने बैंक खाते में शिफ्ट करके कहां चला गया, डाक महकमे के पास इसका कोई जवाब नहीं है। भ्रष्टाचार अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस भी अब तक 4.52 करोड़ रुपये वाले सरकारी कर्मचारी तक नहीं पहुंच सकी है।

दीपक की तलाश के साथ-साथ वित्तीय अनियमितता के पूरे खेल से उठ रहे सवालों के जवाब तलाशने की चुनौती भी पुलिस के सामने है। इनमें मुख्य सवाल यह है कि बतौर कर्मचारी वह सामान्य निवेशकों के खाते में समय-समय पर खुद रकम जमा करके कुछ दिनों बाद अपने बैंक खाते में आनलाइन ट्रांसफर करके क्या कालेधन को वैध करने का खेल कर रहा था। इससे ही जुड़ा दूसरा सवाल यह है कि अगर वह काला धन था तो लिपिक स्तर के एक कर्मचारी पर पैसों की इतनी बरसात कहां से हो रही थी।
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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि डाक सहायक की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। उसकी गिरफ्तारी और बयानों से ही यह साफ होगा कि लोगों के डाकघर खातों में रकम जमा कराके अपने पीएनबी के खाते में ट्रांसफर करने के पीछे कालेधन को सफेद करने की नीयत थी या कुछ और माजरा है। इतनी बड़ी रकम के सोर्स की बात भी तभी स्पष्ट हो सकेगी। वैसे जांच टीमें अपने स्तर से भी सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

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वित्त मंत्रालय के दखल पर दर्ज हुई रिपोर्ट



डाक सहायक दीपक कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला बहजोई थाने में दर्ज है। बताया जा रहा है कि दीपक के पीएनबी खाते में कुछ-कुछ समय बाद अच्छी रकम आनलाइन ट्रांसफर होने पर वित्त मंत्रालय की निगरानी टीमों ने सवाल उठाए थे। वहां के दखल पर बहजोई थाने में महिला दरोगा अपर्णा बंसल ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डाक सहायक के पीएनबी के खाते में 01 जनवरी 2026 से 06 मार्च 2026 के बीच 4.52 करोड़ रुपये जमा हुए थे। इसी अवधि में रकम निकाली भी गई लेकिन आगे कहां जमा हुई या किसे दी गई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

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ऑनलाइन सट्टेबाजी का भी संदेह



पुलिस की अब तक की जांच में यह रकम सट्टेबाजी की होने का संदेह भी उठ खड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि वित्त मंत्रालय के हस्तक्षेप पर हुई शुरुआती पूछताछ में डाक सहायक ने अपने बैंक खाते में आई राशि मित्रों और रिश्तेदारों की बताई थी। साथ ही कहा था कि इनको ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग एप ड्रीम 11 में लगाया जाता था। जिस एप की जानकारी डाक सहायक ने दी थी वह एप सितंबर-अक्टूबर 2025 से बंद है।
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डाक विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी जानकारी

बहजोई डाकघर के कार्यवाहक पोस्टमास्टर भानु प्रताप सिंह का कहना है कि विवादों में आए डाक सहायक से जुड़ी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। ऊपर से प्राप्त होने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों के स्तर से सीधे भी डाक सहायक पर कार्रवाई का जा सकती है।

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