जिले में फसल समर्थन योजना के तहत एक मार्च से गेहूं की खरीद शुरू होनी थी। कई दिनाें से विभाग तैयारियों में जुटा था। लेकिन शुक्रवार को शासनादेश आया कि एक मार्च से खरीद शुरू नहीं करनी है। ऐसा निर्णय इस लिए लिया गया, क्योंकि विगत सत्र में एक मार्च से क्रय केंद्र खोलने के बाद भी गेहूं की आवक 15 मार्च के बाद ही शुरू हो पाई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि विभाग को तैयारियों पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। होली के बाद क्रय केंद्र संचालित होने की उम्मीद है। इस बार शासन से 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। जिसे विभिन्न एजेंसियों के 80 क्रय केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। विभाग ने 71 क्रय केंद्र अनुमोदित कर दिए हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
32 हजार मीट्रिक टन घट गया गेहूं खरीद का लक्ष्य
इस बार शासन से 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। जोकि बीते साल से 32 हजार मीट्रिक टन कम है। पिछली बार खरीद का लक्ष्य 1.28 हजार मीट्रिक टन था। वहीं गेहूं के समर्थन मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। शासन ने इस बार समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया है। वहीं बीते साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल था।
वर्जन
- अभी क्रय नीति तय नहीं हुई है, जिसके चलते गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी। बाकी तैयारी पूरी करने के शासन ने निर्देश दिए हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, किसान विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा लें। ताकि उन्हें गेहूं बेचने में कोई परेशानी न आए। -
संजीव कुमार राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संभल