गांव रहोली में बुधवार को बादल एक परिवार पर आफत बनकर बरसे। खेत में कटी पड़ी मैंथा की फसल के बारिश से नुकसान को देख कर्ज में डूबे किसान को सदमा लग गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के यहां लेकर आए। यहां उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई। बुधवार दोपहर करीब एक बजे चंदौसी के निजी अस्पताल में चिकित्सक ने किसान को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि, बैंक और सोसायटी का उस पर चार लाख का कर्ज था। वहीं एसडीएम ने बताया कि, जांच के लिए लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेजा है।
रहोली निवासी विद्याराम (52) पुत्र श्यामलाल की 12 बीघा मैंथा की फसल खेत में पड़ी थी। इसमें से कुछ फसल से तेल निकाला जा चुका था, मगर ज्यादातर से उत्पादन होना था। इधर, दोपहर में बारिश हो गई। इसमें खेत में पड़ी मैंथा की फसल बर्बाद हो गई।
यह देखकर बैंक और सोसायटी के 4 लाख के कर्ज में डूबे किसान की हालत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन चंदौसी के निजी अस्पताल लेकर आए। यहां उपचार के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से घर में कोहराम मचा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने पीछे पांच बच्चे छोड़कर गया है।
किसान की मौत की सूचना दी गई थी, इसके बाद लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को मामले की जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार उप जिलाधिकारी चंदौसी