संभल। श्री कल्कि नगरी विकास समिति, संभल की शनिवार को नगर के दुर्गा कॉलोनी स्थित एक पैलेस में बैठक हुई। इसमें संभल की 45 वर्ष पुरानी जिला मुख्यालय की मांग पर चर्चा की गई। कहा गया कि मुख्यालय संभल तहसील की परिधि में ही होना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि संभल एक पौराणिकनगरी है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की नगरी है, जिसको कल्कि नगरी के नाम से भी जाना जाता है। 2011 में संभल को जिला बनाया गया और भीमनगर नाम इसलिए दिया गया था कि सांप्रदायिक इतिहास बरकरार रहे। लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हुआ और उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री से आदेश को केंद्र बिंदु के लिए करवा लिया गया, जो संभल के जनमानस के लिए दुखदाई बन गया।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जिला मुख्यालय संभल के अलावा कहीं और नहीं होना चाहिए। यह हमारा अधिकार है। इसे पाने के लिए भले ही आंदोलन की राह क्यों न अपनानी पड़े। शीघ्र ही एक शिष्ट मंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेगा।
इस दौरान अरविंद सिंह, अजय गुप्ता, अमर रस्तोगी, राजीव गुप्ता, शांतनु सक्सेना, हरिओम गंभीर, नरेश शुक्ला, शोभित शास्त्री, दीपक गुप्ता, गंगा रानी, सरिता गुप्ता, सीमा आर्य, गंगा रानी, मंजू आर्य, नवीन आदि रहे।