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शुद्ध पानी पीने को मजबूर हैं नगर पंचायत गवां के 1500 लोग

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संभल/गवां। पाइप लाइन न होने से करीब 1500 लोग परेशान हैं। इसमें एक कालोनी के करीब एक हजार लोग शामिल हैं तो दो अन्य मोहल्लों के करीब 500 लोग प्रभावित हैं। यह लोग लगातार जल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने की मांग उठा रहे हैं। जलनिगम ने सर्वे भी कर लिया है लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। अब मजबूरन लोग हैंडपंप से निकलने वाला पीला दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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मूलभूत सुविधाओं में शामिल जलापूर्ति शुद्ध न मिलना जिम्मेदारों पर बड़ा सवाल है। दरअसल यह समस्या गुन्नौर तहसील के कस्बा गवां में बनी हुई है। नगर पंचायत गवां के वार्ड संख्या सात में शामिल मास्टर कालोनी में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन तो बिछी है पर कई वर्षों से बंद हैं। मरम्मत के लिए सर्वे कराया गया लेकिन अब तक पाइप लाइन दुरुस्त नहीं हुई। जो निजी और सरकारी हैंडपंप लगे हैं उनमें से पीला पानी निकल रह है। मौहल्ला ईदगाह और जादों ठाकुरान के कुछ हिस्से में पाइप लाइन ही नहीं बिछी है। इन दो मोहल्लों के करीब 500 लोग परेशान हैं।
महावा नदी में गजरौला के एक प्लांट से छोड़ा गया था केमिकल युक्त पानी, तब से बनी समस्या
संभल। ग्रामीणों का कहना है कि कस्बा गवां के हैंडपंपों से पीला पानी निकलने का कारण एक केमिकल प्लांट से छोड़ा गया केमिकल युक्त पानी है। बुजुर्गों ने बताया कि करीब 40 दशक पहले महावा नदी वजूद में थी। उस समय गजरौला के एक केमिकल प्लांट से केमिकल युक्त पानी नदी में छोड़ा गया था। नदी तो समय के साथ विलुप्त होती गई लेकिन केमिकल युक्त पानी भूगर्भ में समा गया। अब तक हैंडपंप वही पानी उगल रहे हैं।
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जो पाइप लाइन बंद है उसका सर्वे कराया गया था। उसकी रिपोर्ट विभाग के मुख्य कार्यालय को भेज दी गई है। धन आवंटित होते ही कार्य करा दिया जाएगा।
मुकेश कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जल निगम
नगर के तीन मोहल्लों में दूषित पानी है। पाइप लाइन दुरुस्त करने और बिछाने के लिए समय समय पर जल निगम को पत्र लिखते हैं। लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
अखिलेश अग्रवाल, चेयरमैन, नगर पंचायत गवां
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