राजघाट में किनारे से सटकर बहता गंगा का पानी।
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पहाड़ों पर बारिश रुकने का असर गंगा नदी के जलस्तर पर पड़ने लगा है। गंगा नदी में लगातार पानी बढ़ने के बाद चौथे दिन नरौरा गंगा बैराज पर पानी का बहाव कम हुआ है। इससे गुन्नौर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कम हो गया है। राहत की बात यह है कि हरिद्वार व बिजनौर में भी गंगा नदी का जलस्तर घटा है। इससे नरौरा गंगा बैराज पर पानी कम होने के आसार हैं। प्रशासन फिर भी लगातार सतर्कता बनाए हुए है।
एक सप्ताह से उफान पर चल रही गंगा नदी का जलस्तर कम होने लगा है। पहाड़ों पर बारिश रुकने के बाद हरिद्वार बांध पर गंगा नदी का जलस्तर भी कम हो गया। है। चौधरी चरन सिंह गंगा बैराज नरौरा से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को हरिद्वार में पानी का बहाव 39,181 क्यूसेक प्रति सेकेंड था जोकि शुक्रवार को घटकर 29,306 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो गया।
जबकि बिजनौर में गुरुवार के 66,831 क्यूसेक के मुकाबले शुक्रवार को जलस्तर कम होकर 34,182 क्यूसेक प्रति सेकेंड रह गया। जलस्तर कम होने से नरौरा गंगा बैराज पर शनिवार को जलस्तर कम हो जाएगा। इससे जुनावई क्षेत्र में जाने वाले गंगा नदी के पानी में कमी आएगी।
हालांकि शुक्रवार को बाढ़ का पानी रघपुरपुख्ता गांव के करीब पहुंच गया था, लेकिन यह पानी नाले तक सीमित रहा। लोगों का कहना है कि बाढ़ का खतरा कम हो तो हुआ लेकिन जब पहाड़ों में बारिश होगी और गंगा में पानी बढ़ेगा तो नरौरा में भी पानी बढ़ेगा और बाढ़ आ सकती है। बहरहाल गंगा नदी में बढ़े जलस्तर में गिरावट के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरती और लगातार निगरानी के लिए लेखपालों व राजस्व निरीक्षक को लगाया है।