सरायतरीन। पवांसा और धुरैटा गांव के 150 घरों में बारिश का पानी तीन फीट तक भर गया है। लोगों की जिंदगानी मुश्किल में पड़ गई है। मकान के गिरने के अंदेशे में लोग बाहर निकल आए हैं। कई लोगों ने बताया कि सुबह से ही घर को छोड़ दिया था, ऐसे में सुबह का खाना भी नहीं खा पाए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। जलभराव को लेकर जानकारी हासिल की। ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
गांव पवांसा के निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान की लापरवाही से मोहल्ले के करीब 60 घरों में जलभराव हो गया है। मकान गिरने के खतरे से लोग बाहर निकलकर खड़े हो गए हैं। घर का सब सामान जलभराव में खराब हो गया है। सूचना देने के बाद भी जल निकासी नहीं हो सकी। सुनील के मकान की दीवार में दरार आ गई है। गांव धुरैटा के निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि 25 मई को बीडीओ को ज्ञापन देकर जलभराव की समस्या से समाधान कराने की मांग की थी पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। नतीजा यह हुआ कि रविवार को हुई बारिश के बाद गांव में जलभराव हो गया। 110 से अधिक घरों में पानी घुस गया है।
मकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं। जिससे मकान के गिरने का खतरा बना हुआ है। डीएम मनीष बंसल को सूचना दी। जिसके बाद एसडीएम सुनील त्रिवेदी और एडीओ गुरुदयाल सिंह मौके पर पहुंचे। खानापूर्ति करके दोनों अधिकारी लौट गए। पानी के निकास के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। ऐसे में अगर अब और बारिश हुई तो मकान के गिरने का खतरा बढ़ जाएगा।
बताया कि यदि कच्चे नाले की खोदाई करा दी जाए तो पानी निकल जाएगा और जलभराव की समस्या कम हो सकती है। गांव के इंद्रपाल सैनी ने बताया कि बारिश के दौरान उनकी पशुशाला की छत भरभराकर गिर गई। बाहर निकलकर मुश्किल से जान बचाई।