बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव में घेर की दीवार अचानक ढह गई। जिससे मलबे में दबकर किसान की मौत हो गई। बनियाखेड़ा ब्लाक क्षेत्र के गांव गुमथल निवासी डोरीलाल (47) पुत्र भूपाल गुरुवार को अपराह्न पौने तीन बजे अपने घेर की दीवार के सहारे चारपाई डालकर सो रहा था। बरसात में भीगने के कारण कमजोर हो गई कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उसके ऊपर पड़ा छप्पर भी गिर गया। जिसके नीचे डोरी लाल दब गया। चारपाई टूट गई।
आसपास के लोगों ने दौड़कर मलबा हटाना शुरू किया। डोरी लाल को निकाला लेकिन वह तब तक गंभीर रूप से घायल हो चुका था। परिजन उसे संयुक्त चिकित्सालय लाए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। परिजन उसे अलीगढ़ स्थित मेेडिकल कालेज ले गए वहां भी चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए और दिल्ली ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे दिल्ली न ले जाकर गांव आने के लिए अलीगढ़ से चल दिए। रास्ते में ग्राम धनारी के पास डोरीलाल ने दम तोड़ दिया। देर रात जब डोरीलाल का शव जब गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। डोरीलाल का बड़ा पुत्र बिजेंद्र चंडीगढ़ में काम करता है।
मृतक तीन पुत्री व दो पुत्र है, जिसमें दो बड़ी पुत्रियों की शादी हो चुकी है। सभी का रो रोकर बुरा हाल था। मृतक डोरी लाल पर मात्र दो बीघा जमीन है। वह खेती के अलावा मजदूरी आदि करके परिवार का पालन पोषण करता आ रहा था। तहसीलदार नवनीत गोयल लेखपाल जोगपाल के साथ गांव पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। तहसीलदार ने बताया कि परिजन यदि पोस्टमार्टम कराते तो उन्हें कृषक बीमा दुर्घटना योजना से करीब पांच लाख रुपये मिल जाता लेकिन राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से तीस हजार रुपये दिए जाएंगे।