सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव मिलक सैंजना में पांच महीने से हुए जलभराव के विरोध में तमाम ग्रामीण बृहस्पतिवार को ब्लॉक पहुंच गए। यहां धरना प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए। चार घंटे बाद बीडीओ कार्यालय से निकले। इस पर उनसे झड़प हो गई। बाद में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन धरना-प्रदर्शन को खत्म कराया।
सुबह नौ बजे ग्रामीण ब्लॉक पर पहुंच गए थे। ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए समाधान की मांग उठाई। इस दौरान अनशन पर बैठी एक महिला की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों की सूचना पर सीएचसी के डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उसे अस्पताल से रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी रिजवान हुसैन को शिकायती पत्र दिया है। बीडीओ ने ग्रामीणों को तीन दिन के अंदर समस्या के समाधान का आश्वासन देकर अनशन खत्म करा दिया।
महिला सावित्री देवी ने बताया कि पिछले पांच महीने से मोहल्ले में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। समस्या के समाधान के लिए कई बार ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जलभराव में पनप रहे मच्छरों से मोहल्ले में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड का संक्रमण पनप रहा है। इससे मोहल्ले के करीब बीस लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। इस दौरान मीना, कैलाशो, सावित्री देवी, क्रांति देवी, राजबाला देवी, विनीता देवी, अमरपाल यादव, वीरभान यादव, सूरजपाल यादव, सत्यभान यादव, मलखान सिंह, प्रेमपाल, चंद्रपाल सिंह आदि रहे।