संभल। पवांसा क्षेत्र के गांव करीमपुर में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया है। यह विरोध प्रदर्शन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के खिलाफ किया गया है। ग्रामीण नाला निर्माण नहीं होने के कारण फैली गंदगी से परेशान हैं। नाले निर्माण की लगातार मांग की जा रही है। लेकिन समाधान नहीं किया जा रहा है। रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों ने बताया कि नाला न होने की वजह से ग्रामीण गंदगी में रहने को मजबूर हैं।
संक्रमित बीमारियों फैलने का अंदेशा है। गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया है। आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं। पैदल निकलना भी मुश्किल है। कई बार ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से समाधान की मांग की है। लेकिन वह बजट का हवाला देकर टालमटोल कर देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों सें नाला निर्माण किए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने सफाई कर्मचारी भी गांव में नहीं आने का आरोप लगाया है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नाले का निर्माण नहीं हुआ और गंदगी से निजात नहीं मिली तो तमाम ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान उरमान सिंह, सोमवीर यादव, विजय सिंह, छोटेलाल, नरेश यादव, बाले यादव, सतपाल यादव, रमेश कुमार, सोहनलाल, वीर सिंह यादव, रामविलास, राम बहादुर, जोगिंदर यादव, देवपाल, लटूरी सिंह, चंद्रपाल, मित्रपाल, अरविंद कुमार, पर्वत सहा यादव आदि मौजूद रहे।
गांव बिचपुरी में खराब पड़ी सड़क मुसीबत का कारण बनीं
संभल। पवांसा ब्लॉक के गांव बिचपुरी का मुख्य मार्ग बेहद जर्जर हालत में है। कीचड़ और जलभराव के हालात हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है। जबकि खराब सड़क के कारण लोगों को निकलना मुश्किल होता है। रविवार को ग्रामीणों ने बताया कि गांव की करीब 80 मीटर सड़क पूरी तरह खराब हो गई है। जलभराव और कीचड़ हो रही है।
दुपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर घायल होते रहते हैं। इस मार्ग से परिषदीय विद्यालय को भी रास्ता जाता है। बच्चे जलभराव और कीचड़ से गुजर कर विद्यालय जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों में इस लापरवाही से रोष है। गांव निवासी हमवीर सिंह का कहना है कि पिछले कई वर्ष से यह रास्ता खराब है। जिसके कारण गांव के ग्रामीण इस रास्ते से न जाकर दूसरे रास्तों से जाते हैं। दुपहिया वाहन चालक जलभराव में गिर जाते हैं। गंदगी के कारण आसपास के घर वालों का रहना तो मुश्किल हो गया है। जलभराव और कीचड़ के कारण दुर्गंध आती है। बीमारी फैलने का अंदेशा है।